देर शाम पुलिस ने दरोगा की गिरफ्तारी की। एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि दरोगा की पिस्टल से एक गोली चलाई गई है। उसको गिरफ्तार कर लिया गया है। सिपाही दीपांशु को लाइन हाजिर किया गया है। घटनास्थल पर वो भी दरोगा के साथ मौजूद था।
दरोगा को किया बचाने का प्रयास, खुद पर सवाल उठने पर किया गिरफ्तार
ग्रामीणों के मुताबिक जुआ की फड़ लूटने यानी पैसे लेने पुलिसकर्मी पहुंचे थे। तभी कुछ विवाद हो गया तो दरोगा प्रेमवीर ने पप्पू को गोली मार दी। उसके बाद फरार हो गया। पुलिस ने जब पप्पू के परिजनों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि गांव निवासी दुर्गा पप्पू को लेकर गया था।
इसी आधार पर पुलिस ने उनसे तहरीर लेकर दुर्गा समेत अन्य चार पर केस दर्ज कर दिया। इधर तमाम नेता थाने में डेरा डाल निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करने लगे। काफी हद तक अफसरों ने दरोगा को बचाने का प्रयास किया लेकिन जब खुद पर सवाल उठने लगे तब देर शाम करीब सात बजे प्रेमवीर को गिरफ्तार कर लिया।
भूमिका है या नहीं अभी स्प्ष्ट नहीं
पुलिस ने नामजद आरोपी वीरेंद्र और बड़का को भी गिरफ्तार किया है। दोनों से पूछताछ जारी है। मगर दरोगा की गिरफ्तारी के बाद पूरा मामला पलट गया है। नामजद आरोपियों की किसी तरह की भूमिका है भी या नहीं, अभी ये स्पष्ट नहीं हो सका है।
वो घर से पप्पू को ले गए थे, इसलिए उन पर परिजनों ने केस दर्ज कराया था। पुलिस को आशंका है कि दरोगा के साथ मिलकर आरोपियों ने साजिश रची है। उन्होंने ही दरोगा को बुलाया। फिलहाल जांच जारी है।
सीने से सटाकर मारी गई पप्पू को गोली
डॉक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पैनल में घाटमपुर सीएचसी के डॉ. नरसिंह राजपूत व बिधनू सीएचसी के डॉ. राजेश कुमार शामिल थे। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक पप्पू को सीने पर सटाकर गोली मारी गई। इसलिए रिपोर्ट में ब्लैकनिंग आया है। गोली आरपार हो गई। लिवर पंचर हो गया और अधिक खून बहने से मौत हो गई।
मृतक के परिजनों की तहरीर के आधार पर चार लोगों पर नामजद केस दर्ज किया गया है। ग्रामीणों ने दरोगा पर गोली मारने का आरोप लगाया है। जांच में दरोगा के खिलाफ साक्ष्य मिले, इसलिए तुरंत उसकी गिरफ्तारी की गई है। दो नामजद आरोपी भी गिरफ्तार हैं। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। - मोहित अग्रवाल, आईजी रेंज कानपुर