मनोज चौरसिया कानपुर।
जहां एक तरफ 200 से अधिक देश कोरोना वायरस की चपेट में है, वहीं दूसरी ओर इस जानलेवा महामारी से निजात दिलाने के लिए तैयार की जाने वाली वैक्सीन के ट्रायल के लिए कल्याणपुर निवासी माता - पिता पुत्र सहित पाँच लोग आगे आए हैं। इन सभी ने युग दधीचि देहदान अभियान के संयोजक मनोज सेंगर को पत्र लिखकर जनहित में अपने शरीर इस कार्य के लिए समर्पित करने और मृत्यु के बाद पार्थिव शरीर का भी दान करने की इच्छा जताई है। शपथ पत्र भी भरा है।
कल्याणपुर स्थित इंपीरियल हाइट्स निवासी अलोप कुमार तिवारी उनकी पत्नी शकुंतला और हार्डवेयर इंजीनियर बेटे अजीत कुमार तिवारी कोरोना वैक्सीन का ट्रायल अपने शरीर में कराने के लिए आगे आए हैं। अलोप कुमार तिवारी के अनुसार उनका 35 वर्षीय बेटा अजीत 11 साल पहले मोटरसाइकिल हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिससे उसे पैरालिसिस हो गया। तब से वह बेड पर है। अजीत ने माता-पिता सहित खुद को कोरोना वैक्सीन का परीक्षण के लिए प्रस्तुत करने का साहस दिखाया है। उनका कहना है कि कोरोना वायरस के कारण विषम परिस्थितियों को देखते हुए उनका शरीर देश, दुनिया के काम आ जाए तो यह बहुत बड़ी उपलब्धि होगी। युग दधीचि देहदान अभियान के संयोजक मनोज सेंगर ने बताया कि देहदान अभियान के सेनानी के रूप में आलोक कुमार तिवारी ने आगे आकर यह साहस दिखाया है। पूरा परिवार देहदान का संकल्प ले चुका है। इसी तरह बर्रा 8 के कृष्ण कुमार सिंह और ग्राम कनिका मऊ ( कानपुर देहात) निवासी राधाकृष्ण शर्मा ने भी इसी प्रकार की इच्छा जताई है। उन्होंने इसे महर्षि दधीचि के समान विश्व मानवता के हित के लिए स्वयं को समर्पित करने की पहल को वास्तव में दधीचि परंपरा का पुनर्जागरण बताया।