हरदोई के पचदेवरा थाना इलाके में शुक्रवार रात दूल्हे की बोलेरो आगे जा रही गन्ने से लदी ट्रै्क्टर ट्रॉली से टकरा गई। हादसे में दूल्हे व उसके पिता समेत पांच लोगों की मौत हो गई। बरात हरपालपुर क्षेत्र के कुड़ा गांव से शाहजहांपुर के कांठ थाना क्षेत्र के अभायन गांव जा रही थी।
हरदोई के हरपालपुर थाना इलाके के कुड़ा गांव में शुक्रवार की शाम जहां ढोल नगाड़े बज रहे थे। बराती खुशी से झूम रहे थे और दूल्हे व उनके परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं था। बोलेरो चालक की एक झपकी ने दूल्हे समेत पांच लोगों को मौत की नींद सुला दिया। देर रात की घटना के बार रुदन और सिसकियां सुनाई दे रही हैं। परिवार को बधाई देने वाले लोग अब उन्हें सांत्वना दे रहे है। घटना ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है।
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बोलेरो चालक सुमित कूढ़ा गांव का ही रहने वाला था। घर से बरात निकलने में देर होने के चलते तेज रफ्तार से बोलेरो चलाने के दौरान झपकी आ गई और पलक झपकते ही बोलेरो गन्ना लदे टैक्टर-ट्राली से टकराकर नहर में जा गिरी।
हरपालपुर थाने के कुढ़ा गांव के ओमवीर के लाडले देवेश की शादी शाहजहांपुर जिले के कांट थाने के अभायन गांव से तय हुई थी। इसके लिए 17 फरवरी का मुहूर्त निकाला गया था। शुक्रवार को देवेश को दूल्हा बनाकर सारी रस्में पूरी की। इस दौरान बरात निकासी की रश्में पूरी होने में समय लग गया।
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इससे बरात निकलने में देर हो गई। गाजे-बाजे के साथ शाम को बरात रवाना हुई। घायल हुए बरातियों का कहना है कि चालक जल्दी पहुंचने के चक्कर में बोलेरो तेज चला रहा था। इसी बीच रास्ते में पचदेवरा थाने के दरियाबाद के पास बोलेरो चालक को झपकी आ गई।
पति और पुत्र की मौत से बदहवास हुई पुष्पा
हादसे में पुष्पा को तो संसार ही उजड़ गया। सिंदूर के साथ, बेटा देवेश भी चला गया। उसका रो- रोकर बुरा हाल था। जिस बेटे को सेहरा सजा कर भेजा था, उसकी मौत ने उसे तोड़ कर रख दिया। घटना में देवेश की बुआ कमला के परिवार को भी ग्रहण लग गया। कमला के बेटा अतुल और दामाद विपनेश की मौत हो गई। वहीं उसका पति राजेश जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।
कमला और उसकी बेटी सविता का रो- रोकर बेहाल हो रही थी। सविता की दो साल पूर्व ही विपनेश के साथ शादी हुई थी। वह भाई अतुल और पति विपनेश मौत से बदहवास हो रही थी। वहीं, देवेश के मकान से सौ मीटर की दूरी पर चालक सुमित का घर है। सुमित की ही कार थी। वह फर्रुखाबाद के ददुआ सिंह महाविद्यालय में बीएससी तृतीय वर्ष का छात्र था। उसके दो भाई व एक बहन है। उसकी मां नीलम का रो-रोकर हाल बेहाल है। वह बार- बार बेटे का नाम लेकर बेहोश हो रही थी।
उखाड़ कर फेंका मंडप
हादसे में पांच लोगों की मौत की सूचना सुनकर परिवार की महिलाओं का सब्र जवाब दे गया। उन लोगों ने घर में लगे मंडप को उखाड़ कर फेंक दिया। हर कोई शादी के निशान को मिटना चाहता था।