हैलट इमरजेंसी में ब्रेन स्ट्रोक के पांच रोगी मंगलवार शाम तक भर्ती किए गए। इनमें तीन रोगियों के मस्तिष्क की नसें फट गईं। नर्सिंगहोम से रेफर होकर आए ब्रेन हेमरेज के एक रोगी की मौत हो गई। डॉक्टरों का कहना है कि इस दौरान मस्तिष्क की नसें फटने के रोगी अधिक आ रहे हैं। यह समस्या डायबिटीज के रोगियों को अधिक हो रही है। हैलट इमरजेंसी में कुल 57 रोगी भर्ती किए गए। इनमें वायरल फीवर के पांच रोगी रहे हैं। न्यूरो साइंसेस विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष सिंह ने बताया कि हेमरेज के रोगी दोगुना हो गए हैं। पहले औसत तीन आते रहे और अब औसत छह आ रहे हैं। रात में ठंडकबढ़ गई है। लोग एक-दो बार बीपी सामान्य आने पर रोगी दवा छोड़ देते हैं या फिर दवा की खुराक दुरुस्त नहीं कराते। इससे एकदम बीपी बढ़ता है जिससे नस फट हो जाती है।