दिल्ली से लौटते ही हादसे में टिंकू की गई जान
दोस्तों की मौत की खबर से मीसा गांव में कोहराम मच गया। मिश्रित आबादी के मीसा गांव में दोनों समुदाय के ग्रामीण एक दूसरे के घरों में ढांढस बंधाने पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों एक-दूसरे के जिगरी दोस्त थे। गांव स्थित कब्रिस्तान में अयूब का शव दफन किया गया। वहीं, टिंकू के शव का मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया गया। मृतक टिंकू का बड़ा भाई संतोष दिल्ली में फास्ट फूड का ठेला लगाता है।
बड़े भाई के सहयोग में टिंकू भी दिल्ली में रहता था। वह सोमवार को ही दिल्ली से घर लौटा था। घर आने के बाद दोस्त अयूब के साथ घूमने निकला था। मृतक अयूब गुजरात में काम करता था। वह एक माह पहले घर लौटा था। टिंकू के छह भाई संतोष, मुकेश, आकाश, विकास, रिंकू, सत्येंद्र है। टिंकू की मां की पहले मौत हो चुकी है। वहीं छोटू उर्फ अयूब की मौत से मां इस्लामुन, भाई इदरीश, हाफिज, हनीफ,चांदबाबू समेत परिजनों का रो-रो कर हाल बेहाल है।