तत्कालीन अधिकारियों ने गलत तरीके से पैमाइश की थी
पाई गांव निवासी दरियाव सिंह ने बताया कि उसके बुजुर्ग पिता रविकरन सिंह (72) सेवानिवृत्त संग्रह चपरासी थे। वह 2012 में रिटायर हुए थे। जमीन की पैमाइश को लेकर वह कई साल से विभागों के चक्कर काट रहे थे। चकबंदी विभाग ने उनकी जमीन से रास्ता निकाला था, जबकि रोड दूसरे गाटा संख्या से निकली है। तत्कालीन चकबंदी अधिकारियों, लेखपाल, कानूनगो ने गलत तरीके से पैमाइश की थी।
दोबारा पैमाइश में कुछ जगह मिल सकी थी
पिता ने अपनी जमीन पाने के लिए चकबंदी विभाग में मुकदमा किया था। किसी तरह दोबारा पैमाइश में करीब दो साल पहले कुछ जगह मिल सकी थी। उसी पर गोशाला बनाकर गोवंशों की सेवा करते थे। बताया कि पिता ने 15 जून को तहसील दिवस में शिकायत की थी। एसडीएम अतुल कुमार ने तहसील में पिता को बेइज्जत किया था। इससे आहत होकर पिता ने आत्महत्या की चेतावनी दी थी।
खागा कोतवाली में किसान पर दर्ज हुआ था मुकदमा
पिता कई विभागों में विरोध व प्रदर्शन कर चुके थे। उन्होंने कई बार आत्महत्या की चेतावनी भी दी थी। लगातार खुदकुशी की धमकी देने पर उनके खिलाफ खागा कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज हुआ था। मंगलवार रात गोशाला में पिता ने छप्पर पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद एएसपी विजय शंकर मिश्रा फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। एएसपी ने बताया कि परिजनों से वार्ता की जा रही है।
खुदकुशी की धमकी देकर बनाते थे दबाव
एसडीएम खागा अतुल कुमार बताया कि बदसलूकी का आरोप निराधार है। रवि करन सिंह शिकायत करने के साथ ही खुदकुशी की धमकी देकर दबाव बनाने का प्रयास करते रहते थे। चकबंदी अधिकारी रवींद्र नाथ पांडेय के न्यायालय में दाखिल वाद कुसमा देवी पत्नी रवि करन बनाम सरकार विचाराधीन है। वाद को लेकर रवि करन सिंह ने कहा था कि पत्नी कुसमा देवी के पक्ष में फैसला नहीं सुनाया जाता, तो वह आत्महत्या कर लेंगे और इसकी जिम्मेदारी अधिकारियों की होगी। चकबंदी अधिकारी ने 18 दिसंबर 2023 को खागा कोतवाली में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
सुबह से शाम तक शव उठाने की मशक्कत करती रही पुलिस
खागा कोतवाली क्षेत्र के पाई गांव में सुबह से शाम तक पुलिस प्रशासन शव कब्जे में लेने की मशक्कत में जुटा रहा। खागा कोतवाली के असफल होने पर सीओ बृजमोहन राय दोपहर को पहुंचे। करीब शाम सात बजे एडीएम अविनाश त्रिपाठी और एएसपी विजय शंकर मिश्रा गांव पहुंचे।
सपा नेता भी परिवार से मिलने पहुंचे
परिजनों को अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर शव पोस्टमार्टम कराने की बात कही, लेकिन परिजनों ने शव नहीं उठने दिया। रविकरन के पुत्र सूर्य प्रकाश व जयचंद्र बाहर कमाते हैं। उनके भी आने का इंतजार की बात प्रशासन कह रहा है। खबर मिलने पर समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे और परिजनों को ढाढ़स बंधाया।
खागा कोतवाली में किसान पर दर्ज हुआ था मुकदमा
बुजुर्ग किसान जमीन पाने की चाह में तीन साल से संघर्ष कर रहा था। उन्होंने अपने गांव स्थित विद्यालय के बाहर आमरण अनशन किया था। तहसील खागा में धरने पर बैठा था। आत्मदाह की चेतावनी देकर लखनऊ सीएम आवास पहुंचा था। जहां हजरतगंज पुलिस ने उसे पकड़ा था। रजिस्ट्रार कार्यालय स्थित चकबंदी कार्यालय में भी विरोध जताया था। चकबंदी अधिकारी ने 18 दिसंबर 2023 को खागा कोतवाली में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
15 जून को यह शिकायत की थी
15 जून को संपूर्ण समाधान दिवस में रविशंकर सिंह ने प्रार्थना पत्र दिया था, उसमें चकबंदी विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों पर आरोप लगाए थे। शिकायत पत्र के अनुसार रविकरन सिंह की भूमि गाटा संख्या 411 को चकबंदी अधिकारी रवींद्र नाथ पांडेय, कानूनगो लाल बहादुर व लेखपाल संदीप श्रीवास्तव गलत तरीके से विभाजित कर उस पर सड़क निकाल देने का आरोप लगाया था। एसडीएम खागा ने किसान को बताया था कि चकबंदी न्यायालय के फैसले पर आपत्ति है तो बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी के यहां पर वाद योजित किया जा सकता है। इसके आगे के विकल्प भी हैं।
जिलाधिकारी के निर्देश पर मैं और एडशिनल एसपी मौके पर पहुंचे। पीड़ित परिजन से जानकारी हासिल की गई। उनसे शिकायत पत्र लिया गया है। जिलाधिकारी ने एडीएम न्यायिक को जांच सौंपी है। जांच की आख्या रिपोर्ट 15 दिन में सौंपनी है। हर पहलू पर होगी। यदि कोई दोषी मिला, तो कानूनी के साथ विभागीय कार्रवाई भी होगी। परिजनों की सहमति के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। -अविनाश त्रिपाठी, एडीएम, फतेहपुर