फतेहपुर जिले में जाफरगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में संदिग्ध हालात में शुक्रवार रात छात्रा फंदे पर लटक गई। पुलिस कार्रवाई के भय से परिजनों ने शनिवार सुबह पेट्रोल डालकर शव को जला दिया। पेट्रोल से भड़की आग की चपेट में छात्रा के पिता समेत गांव के छह लोग झुलस गए।
गांव की 16 वर्षीय किशोरी कक्षा नौ की छात्रा थी। शुक्रवार रात छात्रा ने कमरे की छत के हुक से साड़ी के सहारे फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने शनिवार सुबह छात्रा का शव लटका देखकर ग्राम प्रधान को सूचना दी। मृतका के घरवालों का कहना है कि प्रधान ने उन लोगों को गुमराह करते हुए बताया कि उसकी सीओ से वार्ता हो गई है। उन्होंने घंटेभर में शव को जलाकर ठिकाने लगाने के लिए कहा है। पुलिस के आने के डर से परिजनों ने गांव के कुछ लोगों की मदद से 20 लीटर पेट्रोल का इंतजाम कराया।
गांव किनारे श्मशान घाट में पेट्रोल डालकर शव में आग लगाई। इस दौरान भड़की आग की चपेट में आने से छात्रा के पिता व गांव के छह अन्य लोग झुलस गए। झुलसे लोगों का झोलाछाप के यहां इलाज चल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि छात्रा की मां की 15 साल पहले मौत हो चुकी है।
उसका एक सगा भाई-बहन, सौतेली मां व सौतेली दो बहनें हैं। सीओ होरीलाल सिंह ने बताया कि इस घटना की कोई जानकारी नहीं है। प्रधान ने छात्रा के परिजनों को झूठ बोलकर अंतिम संस्कार के लिए गुमराह किया है। मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।