फतेहपुर जिले की मलवां पुलिस ने बिना कोई जांच-पड़ताल किए छह साल के बच्चे को गाली गलौज और रुपये हड़पने का आरोपी बना दिया। बच्चे के नाम मुकदमा दर्ज होने पर परिजनों को मामले की जानकारी हुई। सोमवार को पिता ने डीएम और एसपी से मामले की शिकायत की। वहीं, मलवां पुलिस का कहना है कि पत्थर खरीद में लेन-देन का विवाद है। बच्चे के नाम का ही दूसरा आरोपी दुकानदार का बालिग बेटा है।
मलवां थाना इलाके के ढोढ़ियाही गांव निवासी उमाशंकर पांडेय की पत्नी प्रभा देवी ने 19 जुलाई को गांव के कमलेश और उसके बेटे व पत्थर कारोबारी रामकिशुन निवासी कंधरा का पुरवा थाना हुसैनगंज पर रुपये हड़पने और गाली-गलौज का मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में कमलेश ने सोमवार दोपहर डीएम को शिकायती पत्र देकर बताया कि उसकी दो बेटियां आकृति, जागृति और एक छह साल का बेटा है। पुलिस ने छह साल के बेटे पर फर्जी तरीके से कार्रवाई की है। दर्ज मुकदमे में बेटे के नाम के आगे पिता के स्थान पर उनका ही नाम लिखा हुआ है।
इस मामले में इंस्पेक्टर एसबी सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि जिस बच्चे की बात हो रही है वह कमलेश का नहीं बल्कि रामकिशुन का बालिग पुत्र है। यह बात प्रभा देवी ने अपने बयान में बताई है। प्रभा व रामकिशुन के बीच पत्थर खरीद में लेन-देन का विवाद है। कमलेश ने ही सौदा कराया था। लिहाजा रामकिशुन के बेटे को आरोपी बनाया गया है कमलेश के बेटे को नहीं। तहरीर के अनुसार रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
मुकदमा महिला की तहरीर के आधार पर ही लिखा गया था। बच्चे का नाम लिखने में जो गलती हुई है, उसे विवेचना के दौरान ठीक करा दिया गया है। थाना पुलिस को भी चेताया गया है। - सीओ सिटी, दिनेश मिश्रा