डेढ़ अरब से अधिक का लोगों को चूना लगाने वाला महाठग को आठ साल बाद सुल्तानपुर घोष और एसटीएफ प्रयागराज की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। जिला पुलिस ने ठग पर 25 हजार का इनाम घोषित कर रखा था। ठग कई साल से सरदार के वेश में रह रहा था।
सुल्तानपुर घोष के खजुरियापुर गांव का रहने वाला ठग राजेश मौर्या को पुलिस टीमों ने कर्मेपुर मोड़ से गिरफ्तार किया है। पुलिस लाइन में एसपी उदय शंकर सिंह ने बताया कि सुल्तानपुर घोष थाने में 16 अक्तूबर 2016 को राजेश मौर्या व उसके दिवंगत पिता मंगल मौर्या, भाई बृजेश मौर्या, पत्नी पूजा, परिवार के रुपचंद्र, राेहित, राकेश, शत्रुघन, अरुण मौर्या, रामचंद्र उर्फ लाखा, क्षत्रपाल के खिलाफ तीन करोड़ 12 लाख 98 हजार की जिले के लोगों से ठगी का मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोपियों में राजेश और उसकी पत्नी पूजा फरार थे। मास्टरमाइंड राजेश मुकदमे के बाद फरार था। वह नई पहचान के साथ मध्यप्रदेश के इंदौर नेहरू नगर निवासी मंगल सिंह का पुत्र राज सिंह बनकर रह रहा था। उसके पास से दो मोबाइल, 500 रुपये, आधार कार्ड बरामद हुआ है।
कई साल महाराष्ट्र में रहने के बाद 2016 में गांव लौटा था। परिवार व करीबियों के नाम पर गांव और आसपास जमीन खरीदी थी। गांव में विकास कार्य कराने लगा। क्षेत्रीय लोगों में राजेश मौर्या के प्रति विश्वास पैदा हो गया। उसने हमारा मिशन नाम की चिटफंड कंपनी खोली। कंपनी के तहत आयुर्वेदिक कीटनाशक, सुअर पालन, बच्चों की पढ़ाई, गोशाला संरक्षण समेत कई सब्जबाग दिखाकर रुपये निवेश कराए। 30 हजार जमा करने पर 11 माह तक 10 हजार महीने का प्रलोभन देकर करोड़ों का निवेश कराया। इसके बाद परिवार समेत भाग निकला था। पुलिस ने संपत्ति भी कुर्क की थी। प्रयागराज के झूंसी, कोतवाली, नैनी, कौशांबी जिले के पिपरी, मिर्जापुर के कटरा, लखनऊ के इंटौजा थाना क्षेत्र में राजेश के खिलाफ धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा जौनपुर, बलिया, भदोही, गाजीपुर, प्रतापगढ़, मध्य प्रदेश समेत सीमावर्ती बिहार में कंपनी खोलकर लोगों से ठगी की।
प्रयागराज में आयकर विभाग ने फ्रीज है एक करोड़ रुपये
शातिर राजेश मौर्या नए नए लोगों को प्रोजेक्ट में रुपये दोगुना का प्रलोभन देकर प्रयागराज में मार्केट में पहुंचाता था। प्रयागराज के मानसरोवर में 38 लाख रुपये, असरावल खुर्द 35 लाख रुपये की लोगों से ठगी की। कंपनी में कोतवाली प्रयागराज पुलिस व इनकम टैक्स अधिकारियों ने छापा मारकर 33 लाख रुपये नकद बरामद किए थे। ब्यौरा नहीं देने पर विभाग ने रुपये फ्रीज किया था। रुपये अब भी फ्रीज पड़े हैं।