ट्रेलर चालक के खिलाफ दी तहरीर
हादसे में मनोज शुक्ला व अविनाश चंद्र दुबे की मौके पर ही मौत हो गई।घायल कार चालक कौशल कुमार तिवारी को जिला अस्पताल रेफर किया। डॉक्टर ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। प्रभारी निरीक्षक रमाशंकर सरोज ने बताया कि अविनाश चंद्र दुबे के साले उदयभान दीक्षित ने ट्रेलर चालक के खिलाफ तहरीर दी है।
80 से 100 किलोमीटर प्रतिघंटा थी रफ्तार
आरोप है कि अचानक ट्रेलर दाहिनी ओर मुड़ा, इसी वजह से कार अनियंत्रित होकर टकराई है। ट्रेलर को थाने में खड़ा कराया गया है। हादसे के बाद चालक मौके से भाग निकला है। मुकदमा दर्ज किया गया है। कार की रफ्तार 80 से 100 किलोमीटर प्रतिघंटा के आसपास होना माना जा रहा है।
बेतरतीब टोल के आसपास लगी दुकानों की वजह से हादसा
चौडगरा टोल प्लाजा क्षेत्र में हाईवे के किनारे पान मसाले और फास्टैग रिचार्ज की दुकानें सजी हैं। बड़ौरी ओवरब्रिज से उतरते ही टोल की तरफ पहली दुकान पर ट्रेलर का चालक अपनी सीट पर बैठकर फास्टैग रिचार्ज करा रहा था। रिचार्ज के बाद अचानक ट्रेलर चालक ने दाहिनी ओर मोड़ दिया।
फास्टैग रिचार्ज कराने को चालक ने रोका था ट्रेलर
इसी दौरान तेज रफ्तार कार पीछे से जा टकराई और हादसे में तीन की मौत हो गई। टोल प्लाजा पर ट्रकों के रुकने के लिए एनएचआई ने सर्विस लेन का निर्माण कराया है। ट्रक चालक नियमों का पालन नहीं करते। हाईवे पर एक साइड में अक्सर ट्रक पार्क कर देते हैं। हादसे वाला ट्रेलर भी नियम विरुद्ध खड़ा होकर फास्टैग रिचार्ज करा रहा था।
हाईवे किनारे दुकानों पर खड़े होते वाहन
दुकानों की वजह से अक्सर ट्रक बेतरतीब खड़े होते हैं। टोल से पांच सौ मीटर तक वाहन खड़े होते हैं। हाईवे स्थित बड़ौरी टोल के दोनों ओर पांच सौ मीटर तक वाहन के खड़े होने पर पाबंदी है। टोल प्रबंधन के मुताबिक एनएचआई अधिकारियों व पुलिस से बेतरतीब खड़े होने वाले वाहनों की जाती है। इसी वजह से हादसा हुआ है।
टोल के पास डिवाइडर नहीं होने से हादसा
बड़ौरी टोल के दोनों तरफ डिवाइडर बना है। इसी वजह से एक साइड से दूसरी साइड से वाहन आते-जाते हैं। ऐसे में अपनी साइड से आ रहे वाहनों से हादसों की संभावनाएं बढ़ जाती है।
देर से एम्बुलेंस आने पर तड़पता रहा घायल
हादसे के बाद एनएचआई टोल की एम्बुलेंस व्यवस्था धड़ाम दिखी। हादसे के आधे घंटे बाद एंबुलेंस की व्यवस्था हो पाई। समय से एम्बुलेंस मुहैया हो जाती तो शायद चालक की जान बच जाती। टोल प्रबंधक शारदा प्रसाद ने बताया कि एम्बुलेंस के देरी से पहुंचने की बात गलत पाई गई है।
हादसे के बाद एम्बुलेंस के देरी से पहुंचने की जानकारी नहीं है। एम्बुलेंस टोल प्लाजा के आसापास ही रहती है और 15 मिनट में पहुंच जाती है। अगर एम्बुलेंस देर से पहु्ंची है, तो जांच कराई जाएगी। -अमन रोहिल्ला, क्षेत्रीय प्रबंधक, एनएचएआई
जिला महासचिव का परिवार एमपी के पूर्व सीएम का रिश्तेदार
हादसे में दिवंगत जिला महासचिव अविनाश चंद्र दुबे का परिवार ओहदेदार है। कानपुर में रहने वाले दिवंगत के भांजे अंकित दीक्षित ने बताया कि मामा के घर में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू, दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित का आना-जाना रहा है। लोक गायिका मालनी अवस्थी रिश्तेदार हैं।
पोस्टमार्टम हाउस में बदहवास दिखी अविनाश की पत्नी
जिला महासचिव गोमती देवी गर्ल्स इंटर कॉलेज के प्रबंधक भी थे। मध्यप्रदेश के पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ला, पूर्व सीएम श्यामा शरण शुक्ला रिश्ते में फूफा हैं। पोस्टमार्टम हाउस में अविनाश की पत्नी अभिलाषा दुबे बदहवास दिखी। उनका एक बेटा अभय दुबे बेंगलुरु में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। दूसरी बेटी अनुप्रीता दुबे नोएडा में प्राइवेट नौकरी करती हैं। दोनों शादीशुदा हैं।
परिवार के करीबी हैं पूर्व सांसद सुब्रत पाठक
दूसरे दिवंगत मनोज शुक्ला एक समाचार पत्र के संपादक व वरिष्ठ नागरिक समिति के पदाधिकारी हैं। वह अवनीश के पुराने करीबी व दोस्त हैं। मनोज के पिता डॉ. जीवन शुक्ला चर्चित साहित्यकार और एक कालेज से सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य हैं। उनके दो बेटे मनीष उर्फ नितिन व सचिन व एक बेटी है। उनका बिंदकी कोतवाली के खजुहा में ननिहाल है। बेटे इत्र कारोबारी हैं। परिवार के पूर्व सांसद सुब्रत पाठक करीबी हैं।