29 मई को एक लिंक भेजकर ऑनलाइन चेक करने की बात कही। देखा, तो आकांक्षा का सरकारी कालेज की मैरिट के हिसाब से मैरिट प्रक्रिया पूरी होना दिखा रहा था। विनीत ने बताया कि अब 11 लाख रुपये दे दे। बाद में 14 लाख रुपये लेने आदमी वहीं आएगा। उन्होंने दो खातों में पांच व छह लाख रुपये डाल दिए। तीन जून को एक व्यक्ति यहां पहुंचा। उसने 1.25 लाख रुपये लिए। शेष खाते में भेजने को कहा। नौ जून को 11 लाख रुपये विनीत दोषी के खाते में भेज दिए। 13 जून को जब नीट रिजल्ट देखा, तो नाम नहीं था। इस पर ठगी का अहसास हो गया। नंबर भी सभी बंद जा रहे हैं। पुलिस ने 23.25 लाख रुपये की ठगी के मामले की जांच शुरू कर दी है।