चीनी मिल में पेराई सत्र 16-17 की तैयारी शुरू हो गई है। फर्रुखाबाद कायमगंज चीनी मिल के सीसीओ अरुण कुमार ने बताया कि मिल के ब्वायलर सहित पूरी मिल की मरम्मत लगभग पूरी हो चुकी है। मिल का ट्रायल चल रहा है। लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। इन्होनें बताया कि चीनी मिल 15 नबंवर को चालू हो जायेगी। बताया कि गत वर्ष गन्ना लाने के लिये 16 सुरक्षित सेंटर थे। इस बार इनकी संख्या को बढ़ाकर 20 किया जा रहा है। गन्ना तौलने के लिए कांटे लगाने का काम शुरु कर दिया गया है। इन्होंने बताया कि फैजबाग, हजियांपुर, ज्यौना, रोशनाबाद आदि कई जगहों पर कांटे लग गए हैं। शेष जगहों पर 1-2 दिनों में कार्य पूरा हो जायेगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 20 लाख कुतंल गन्ना पेराई का लक्ष्य दिया गया है। गत वर्ष लक्ष्य 18 लाख कुंतल था लेकिन सूखा होने की वजह से 11 लाख 54 हजार कुंतल गन्ने की पेराई हो पायी थी। इस वर्ष गन्ना सर्वे के मुताबिक सुरक्षित क्षेत्र में लगभग गन्ना 35 लाख कुंतल है। इस वर्ष शासन ने दूसरे क्षेत्र में गन्ना ले जाने पर रोक लगा दी है इसलिये लक्ष्य हासिल होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि समय पर चीनी मिल का पेराई सत्र शुरू कर किसानों के पहले चरण के खूंटी गन्ने को लेने का प्रयास किया जायेगा। ताकि किसान खेत में रबी की बोआई कर सके। वहीं किसानों को समय से गन्ना सट्टा पर्ची मिल सके। इस कार्य को भी अंतिम रूप दे दिया गया है और किसानों के मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से सूचना दी जायेगी। गन्ना किसानों के बकाया के संबंध में बताया कि मिल ने सभी किसानों के भुगतान मूल्य व कमीशन का पूर्ण भुगतान कर दिया है। सीसीओ ने बताया कि शासन की तरफ से नबंवर के पहले हफ्ते में मिल को चालू करने के निर्देश मिले थे लेकिन क्षेत्र से गन्ना की रिकबरी का सेम्पल लिया गया था जो कम बैठा था। जब रिकवरी 7 प्रतिशत पर आ जाती है। तभी मिल चालू किया जाता है। वही क्षेत्र का किसान कार्तिक पूर्णिमा के बाद ही मिल में गन्ना लाता है। गन्ने के रेट के बारे में बताया कि अभी शासन से रेट नही आये हैं। शासन ही गन्ने का रेट तय करता है। गत वर्ष शीघ्र गन्ना 290 रुपये, सामान्य 280, व अस्वीकृत गन्ना 275 रूपये कुंतल था। लेकिन इस बार कुछ बढ़ने के आसार हैं।