कानपुर। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अधीन कृषि विज्ञान केंद्र दिलीपनगर के गांव औरंगपुर गहदेवा में सुपर सीडर मशीन से गेहूं की सीधी बोआई की जानकारी दी गई। किसानों को खेतों में फसल अवशेष प्रबंधन और बिना जुताई के बोआई की आधुनिक तकनीक के बारे में बताया गया। केंद्र के मृदा वैज्ञानिक डॉ. खलील खान ने बताया कि सुपर सीडर मशीन फसल अवशेष प्रबंधन के लिए उपयोगी है। उन्होंने कहा कि इस मशीन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह धान की कटाई के बाद बचे ठूंठों को बारीक काटकर मिट्टी में मिलाती है और उसी समय गेहूं की सीधी बोआई कर देती है। इससे पराली जलाने की आवश्यकता समाप्त हो जाती है। उन्होंने बताया कि इस तकनीक से किसानों को लगभग 4,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की आर्थिक बचत होती है।