जितेंद्र यादव गुरुवार को भी हाजिर नहीं हुआ
पुलिस के प्रार्थनापत्र पर सुनवाई करते हुए सीएमएम सूरज मिश्रा की कोर्ट ने 16 अक्तूबर को जितेंद्र यादव और 21 अक्तूबर को डॉ. प्रियरंजन आशू दिवाकर के खिलाफ कुर्की का आदेश दिया था। जितेंद्र यादव एक माह का समय पूरा होने के बाद भी गुरुवार को हाजिर नहीं हुआ। इसी तरह आशू दिवाकर के पास पांच दिन है। चकेरी थाना प्रभारी अशोक दुबे ने बताया कि जितेंद्र यादव को मिला एक माह का समय गुरुवार को पूरा हो गया है।
एकतरफा कार्रवाई की पुलिस कमिश्नर से शिकायत
डॉ. प्रियरंजन की पत्नी गुरुवार को पुलिस कमिश्नर डॉ. आरके स्वर्णकार के पास पहुंचीं। उन्होंने किसान बाबू सिंह आत्महत्या मामले में एकतरफा कार्रवाई होने की बात कही। सीपी को आठ बिंदुओं को जांच में शामिल करने के लिए पत्र भी सौंपा। दावा किया कि सुसाइड नोट फर्जी है। इस मौत के पीछे परिवार से नरेंद्र सिंह यादव और बाबू सिंह के परिवार से नजदीकी हो सकती है।
जमीन पर फर्जी वसीयत के दम पर कब्जा कर रखा है
नरेंद्र ने 20 साल पहले बाबू सिंह की जमीन पर फर्जी वसीयत के दम पर कब्जा कर रखा है। मामले में बाबू सिंह के दर्ज कराए मुकदमे में वर्ष 2019 में नरेंद्र 6 माह जेल में रहा। मृतक बाबू सिंह, उनकी दोनों बेटियों, उनकी पत्नी, पूर्व सांसद राजाराम पाल, नरेंद्र सिंह यादव उनके बेटे दीपक यादव और अन्य संदिग्ध नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन को जांच में शामिल किया जाए।
सुसाइड नोट के लेखन का मिलान करें
सुसाइड नोट के लेखन का मिलान इन्हीं लोगों व संदिग्धों से करें। जिससे सुसाइड नोट की सत्यता सामने आए। आरोप लगाया कि सपा नेता और संघर्ष न्याय समिति के अभिमन्यु गुप्ता और उनके पिता पवन गुप्ता की संदिग्ध भूमिका की जांच हो। अब तक सपा नेता नरेंद्र यादव से जुड़े मामले पर क्यों मौन हैं।
शिवम ने हाईकोर्ट में कबूला, प्रियरंजन ने धोखे से चेक लेकर किया हेरफेर
किसान बाबू सिंह की आत्महत्या के मामले में आरोपी बनाए गए सपा नेता शिवम चौहान ने पूरे प्रकरण में पूर्व भाजपा नेता डॉ. प्रियरंजन आशू दिवाकर को दोषी ठहराया है। दरअसल अंतरिम जमानत के लिए दाखिल शपथ पत्र में शिवम ने कबूला है कि प्रियरंजन ने उसे धोखे में रखकर सवा छह करोड़ रुपये का चेक ले लिया और उनका प्रयोग बाबू सिंह के मामले में किया।
चेक का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए मैनपुरी में तहरीर दी है
इस मामले में सपा नेता और न्याय संघर्ष समिति के संयोजक अभिमन्यु गुप्ता ने प्रियरंजन के गैंग के साथी भाजपा नेता शिवम चौहान द्वारा हाईकोर्ट में अंतरिम जमानत के लिए डाली गई याचिका का शपथ पत्र उपलब्ध कराया था। बाबू सिंह की आत्महत्या के बाद उन्हें जानकारी मिली कि उनके चेक का दुरुपयोग यहां किया गया है। सपा नेता ने बताया कि यह भी जानकारी मिली है कि शिवम चौहान ने प्रियरंजन पर चेक का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए मैनपुरी में तहरीर दी है।