अखिलेश यादव ने उठाए सवाल... क्या भाजपाइयों पर कार्रवाई के लिए बुलडोजर का विशेष ड्राइविंग लाइसेंस चाहिए
सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर यह मुद्दा उठाया है। उन्होंने इस मामले को लेकर प्रदेश की योगी सरकार पर सवाल उठाए। अखिलेश यादव ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा कि भाजपा नेता डॉ. प्रियरंजन की बदनीयती और धोखाधड़ी एक किसान की मौत की वजह बन गई। इसके पर्याप्त साक्ष्य भी हैं। उन्होंने सीएम से सवाल पूछते हुए लिखा कि डॉ. प्रियरंजन की अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?, भाजपाइयों को अपराध में विशेष छूट क्यों मिलती है? क्या भाजपाइयों पर कार्रवाई करने के लिए बुलडोजर का कोई विशेष ड्राइविंग लाइसेंस लेना पड़ता है?
अखिलेश का प्रतिनिधि मंडल 18 को करेगा पीड़ित परिवार से मुलाकात
अध्यक्ष अखिलेश ने पीड़ित परिवार से मुलाकात करने के लिए 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को भेजने के निर्देश प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल को दिए है। नरेश उत्तम ने आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन कर दिया है। इसमें पूर्व सांसद राजाराम पाल, विधायक बृजेश कठेरिया, विधायक अमिताभ बाजपेई, विधायक मो. हसन रूमी, ग्रामीण जिलाध्यक्ष मुनींद्र शुक्ला, महानगर अध्यक्ष फजल महमूद, पूर्व महानगर अध्यक्ष पं. ओमप्रकाश मिश्रा, प्रदेश सचिव नीलम रोमिला सिंह, पूर्व प्रत्याशी फतेह बहादुर सिंह, पूर्व प्रत्याशी अभिमन्यु गुप्ता, पूर्व राष्ट्रीय महासचिव यूथ ब्रिगेड प्रवीण सिंह यादव उर्फ बंटी व जिला उपाध्यक्ष कानपुर ग्रामीण योकेंद्र कुशवाहा को शामिल किया है। प्रतिनिधिमंडल 18 सितंबर को चकेरी गांव में मृतक किसान के परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना देगा। पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तैयार कर प्रदेश कार्यालय में सौंपी जाएगी।