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Fake PMO Officer: ठग को सोसाइटी लेकर पहुंची पुलिस, एक घंटे विला में रखा, बरामद कराए नकदी और गहने

Sun, 03 Sep 2023 12:20 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: पुलिस भले ही विला के अंदर से नकदी, चेन और दो अंगूठी की बरामदगी का दावा कर रही हो, लेकिन जब ठग बाहर आया तो वह मीडिया के सामने चीखने लगा। बोला लॉकर से बरामद रुपये उसके नहीं है।
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आरोपी अभिषेक प्रताप सिंह काे पायनियर ग्रीन्स सिटी लेकर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में खुद को पीएमओ का अफसर बताकर ठगी करने के आरोपी अभिषेक प्रताप सिंह उर्फ संतोष सिंह की कस्टडी रिमांड मंजूर होने के बाद शनिवार दोपहर पुलिस उसे बिठूर स्थित पायनियर ग्रीन्स सिटी लेकर पहुंची। जिस विला में वह रहता था, उसके मेन गेट से लेकर अंदर के गेट का ताला उसी से खुलवाया। करीब एक घंटे विला में रखा।

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इस दौरान पुलिस ने लॉकर में रखे 1.45 लाख रुपये, एक चेन व दो सोने की अंगूठी बरामद कीं। पुलिस ने पूछताछ से लेकर बरामदगी तक की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी करवाई। पुलिस ने उसे सुबह करीब 10:30 बजे रिमांड पर लिया। मेडिकल कराने के बाद बोलेरो से आईआईटी चौकी ले गए। दोपहर करीब 12:30 बजे पायनियर ग्रीन्स सिटी लेकर पहुंचे।
12:53 बजे विवेचक समेत चार पुलिसकर्मी ठग अभिषेक को उसके किराये के विला के अंदर ले गए। एक घंटे बाद बाहर आए तो प्रथम तल के स्टोर रूम से माल बरामदगी का दावा किया। करीब दो बजे उसे बाहर लाए। बोलेरो में बैठाकर आईआईटी चौकी ले गए, यहां उससे ठगी से संबंधित दस्तावेजों के संबंध में पूछताछ की। बिठूर थाना प्रभारी अतुल सिंह के अनुसार ठग के दो बैंक खातों के लेनदेन की जांच की गई है।

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फिंगर टच करवाकर खुलवाए फोन, जांच के लिए भेजेंगे लैब
आईआईटी पुलिस चौकी में रखने के दौरान पुलिस ने ठग अभिषेक के पास से बरामद उसके दो मोबाइल फोन में लगे पैटर्न और फिंगर टच लॉक को खुलवाया। फोनबुक चेक की गई। गैलरी जांची गई। इसके बाद उससे आईएएस और आईपीएस के संबंधों के विषय में पूछताछ की गई, लेकिन अभिषेक ने किसी का नाम नहीं लिया। पुलिस को मोबाइल फोन से कुछ डाटा डिलीट किए जाने की आशंका है। इसके चलते डाटा रिकवरी के लिए एक्सपर्ट की मदद ली जाएगी। वहीं, जांच के लिए मोबाइल लैब भेजे जाएंगे।

ठग का दावा : चेन, अंगूठी मेरी कमाई की, बरामद रुपये मेरे नहीं
पुलिस भले ही विला के अंदर से नकदी, चेन और दो अंगूठी की बरामदगी का दावा कर रही हो, लेकिन जब ठग बाहर आया तो वह मीडिया के सामने चीखने लगा। बोला लॉकर से बरामद रुपये उसके नहीं है। हालांकि, उसने बरामद हुई चेन व दो अंगूठियों को अपनी कमाई का बताया। वहीं, ठग ने दावा किया कि जब उसे पकड़ा गया था, उस वक्त उसके गले में यह चेन और अंगुलियों में दोनों अंगूठियां थीं। बिठूर पुलिस ने उन्हें उतरवा लिया था, लेकिन दाखिल नहीं किया था। अब ये जेवर विला के अंदर लॉकर में कैसे पहुंचे, उसे भी नहीं पता।

जल्दबाजी में टूट गई बोलेरो की कमानी, हादसा होते बचा
अभिषेक के अधिवक्ता मोहित श्रीवास्तव का आरोप है कि पुलिस अभिषेक को रिमांड पर लेकर बोलेरो से 100 से 120 की रफ्तार में ले गई। लौटते वक्त भी रफ्तार तेज होने के कारण बिठूर तिराहे के पास बोलेरो की कमानी टूट गई। दूसरे वाहन से पुलिस अभिषेक को लेकर कोर्ट पहुंची।

पांच को होगी जमानत की अपील पर सुनवाई
इधर पुलिस ने शातिर ठग के प्रकरण में लापरवाही बरती तो वहीं इसका फायदा उठाते हुए ठग के अधिवक्ता मोहित ने कोर्ट में उसकी जमानत के लिए अर्जी डाल रखी है। अधिवक्ता के अनुसार उसके पास अपने क्लाइंट को जमानत दिलवाने के लिए पर्याप्त आधार है। पांच सितंबर को कोर्ट उसकी जमानत अर्जी पर फैसला लेगी।

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गेट के पास पिलर से बरामद कराई विला की चाबी
पुलिस ठग अभिषेक उर्फ संतोष को लेकर विला पहुंची। मेन गेट के ताले की चाबी पहले से ठग के पास ही मौजूद थी। पुलिस ने उसी से मेन गेट खुलवाया। अंदर जाकर आंगन में लगे मुख्य गेट पर लात मारकर उसे खोलने का प्रयास किया। इसके बाद ठग संतोष से चाबी के विषय में पूछा। पुलिस उसे साथ लेकर मेन गेट के पास आई, जहां से अभिषेक ने गेट के पिलर के पास से एक चाभी उठाकर पुलिस को सौंपी। इसी चाबी से गेट खुला तो पुलिस अंदर गई और माल की बरामदगी दिखाई। पुलिस ठग को सीधा जेल से लेकर आई थी। ऐसे में उसके पास मेन गेट की चाबी कहां से आई यह अपने आप में बड़ा सवाल है।

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