कानपुर। फर्जी लोको पायलट बनकर रेल पास के जरिये ट्रेनों के एसी सेकंड में सफर करने वाले शातिर राम गोपाल विश्वकर्मा को जीआरपी ने रविवार को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। अदालत ने 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। जीआरपी और रेलवे विजिलेंस को उसके पास से छह रेल अफसरों की आईडी मिली है। जांच में पता चला है कि रामगोपाल कानपुर देहात के झींझक का रहने वाला है। इसके पुश्तैनी पता झींझक से पता चला है कि वह अधिकतर घर से बाहर रहता था। इसके अलावा रामगोपाल की जुबान पर कई रेल अफसरों के नाम रटे थे। रामगोपाल मथुरा और मुंबई जीआरपी से रेल टिकट दलाली और रेलवे में जालसाजी के मामलों में जेल जा चुका है। उसके पास रेलवे अफसरों की सीनियर डीसीएम. सीनियर डीओएम, रेलवे बोर्ड सेक्रेटरी, लोको पायलट, सीआईटी, सहायक क्लर्क के नाम से छह आईडी मिली हैं। रामगोपाल ने कबूला कि वह ट्रेन का स्टेटस देख आईडी पर टिकट बनवाता था। जीआरपी प्रभारीओएन सिंह ने बताया कि जांच चल रही है। उसे जेल भेज दिया गया है।