नामांकन निरस्त करने की कार्रवाई शुरू
फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर विभाग ने ऐसे सभी बच्चों का परिषदीय स्कूलों से नामांकन निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। करीब पांच हजार बच्चों के आधार का अभी सत्यापन होना बाकी है। ऐसे में सरकारी के साथ निजी स्कूलों में भी पढ़ने वाले बच्चों की संख्या और बढ़ सकती है। मामले में कार्रवाई की जा रही है।
मंडल में आधार सत्यापन में पकड़े गए फर्जी छात्र-छात्राएं
जनपद स्कूल नामांकन सत्यापन फर्जी छात्र
बांदा 1725 192696 174615 2338
चित्रकूट 1261 130847 112179 1198
हमीरपुर 967 104945 95421 1700
महोबा 848 100953 95941 363
योग 4801 529441 478156 5599
कहीं नामांकन बढ़ाने के फेर में तो नहीं कर लिया दाखिला
हर बार नए शैक्षणिक सत्र में परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों से नामांकन बढ़ाने को कहा जाता है। शिक्षा विभाग के सूत्रों के मुताबिक कई बार नामांकन में बच्चों की संख्या बढ़ाने के फेर में निजी स्कूल में बच्चे के पढ़ने की जानकारी के बावजूद भी परिषदीय स्कूल में उसका नामांकन कर लिया जाता है।
गलत है आधार सत्यापन
बेसिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी का कहना है कि आधार सत्यापन में जो नामांकन दोबारा दिख रहे हैं, वह गलत हैं। कुछ बच्चे तो हो सकते हैं, इतनी बड़़ी संख्या नहीं हो सकती है। अब बच्चों को रजिस्ट्रेशन के बाद यूनिक कोड नंबर जारी किया जा रहा है। अब ऐसा संभव नहीं है।
आधार सत्यापन इसीलिए कराया जा रहा है कि बच्चों का दो स्कूलों में तो प्रवेश नहीं है। ऐसे बच्चों के नाम परिषदीय स्कूल से हटा दिए जाएंगे या फिर उन्हें निजी स्कूल छोड़ना पड़ेगा। कई बच्चों के नामांकन निरस्त भी किए गए हैं। -अरुण कुमार, उप शिक्षा निदेशक, चित्रकूटधाम मंडल, बांदा