कानपुर। चर्म निर्यात परिषद क्षेत्रीय की बैठक शुक्रवार को उन्नाव के बंथर स्थित सभागार में हुई। इसमें भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच 15 जुलाई से लागू हो रहे व्यापार समझौता पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि इस समझौते से कानपुर क्षेत्र के चमड़ा निर्यात को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। आगामी वर्षों में प्रतिवर्ष 10 से 15 फीसदी व्यापार वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। चार से पांच वर्षों में व्यापार लगभग दोगुना होने की उम्मीद है। परिषद के क्षेत्रीय अध्यक्ष यादवेंद्र सचान ने बताया कि वर्तमान में कानपुर से कुल निर्यात का लगभग आठ फीसदी हिस्सा अकेले यूनाइटेड किंगडम को जाता है। इसका मूल्य लगभग 550 करोड़ रुपये है। कानपुर से कुल 103 देशों को लगभग 7,000 करोड़ रुपये का निर्यात किया जाता है। यूनाइटेड किंगडम चमड़ा उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार रहा है। यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करेगा। इस मौके पर मिहिर अजित, आलोक द्विवेदी, पल्लवी दुबे आदि मौजूद रहे। ब्यूरो