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Hamirpur: 18 साल बाद भी पूरी नहीं हुई नदी पर पुल की मांग, बेतवा में नाव पलटने से गईं थीं पांच जानें

Sat, 13 Aug 2022 08:25 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर

सार

हमीरपुर के कई गांवों में लोग नाव से दूसरे गांव तक पहुंचते हैं, जिससे जनपद में भी बांदा जैसी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है। इससे पहले जिले में कई घटनाएं घटित हो चुकी हैं।
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सुरौलीबुजुर्ग में नाव से फतेहपुर के चांदपुर जाते लोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बांदा के मर्का गांव के पास हुए हादसे ने हमीरपुर में 18 साल पहले बेर गांव में हुई दुर्घटना की यादें ताजा कर दी हैं। बेतवा नदी में नाव पलटने से पांच लोगों की मौत हो गई थी। बारिश में उफान पर होने के बावजूद जिले में लोग नाव से नदियां पार कर रहे हैं। बांदा में हुए हादसे के बाद प्रशासन सतर्कता बरत रहा है। एडीएम रमेश चंद्र ने कहा कि तटीय क्षेत्र के थानों की पुलिस को भी अलर्ट कर दिया गया है। 

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22 जून 2004 को कुपरा और बेरी गांव के बीच बेतवा नदी में नाव पलटी थी। बेरी निवासी डिल्लन (45), उसकी एक वर्षीय पुत्री, अशरफी (50), भग्गा (55), थाना बिवांर के सैरी का कोरी (22) तेज बहाव में बह गए थे। बेरी गांव के पूर्व प्रधान ब्रह्मनारायण त्रिपाठी, रमेश शिवहरे, ककरऊ के पूर्व प्रधान सूरज पाल सिंह ने बताया कि कई बार पुल  बाद सेतु निगम के अधिकारियों ने सर्वे भी किया, फिर भी पुल नहीं बन पाया।

मुस्करा थाना क्षेत्र के बिहूनी गांव के निकट विरमा नदी में 15 जनवरी 2017 को नाव पलटने से महिला व उसके दो बच्चों की डूबने से मौत हो गई थी। बता दें कि जनपद हमीरपुर में कई गांवों में लोग नाव से दूसरे गांव तक पहुंचते हैं, जिससे जनपद में भी बांदा जैसी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है। इससे पहले जिले में कई घटनाएं घटित हो चुकी हैं। बरसात में उफन रही नदियों में पलटी नावों से कई लोग जान गवां चुके हैं।

बेतवा नदी पर बेरी गांव के पास पुल निर्माण की मांग लंबे अरसे से हो रही है, लेकिन क्षेत्रीय लोगों को आश्वासन ही मिल सका है। लोगों का कहना है कि करीब दो साल पहले उपमुख्यमंत्री केशव मौर्या से मिले तो आश्वासन मिला और एक बार सेतु निगम के अधिकारियों ने सर्वे किया, लेकिन पुल निर्माण की आस आज भी अधूरी है।

2019 में रक्षाबंधन के दिन हुआ था हादसा
16 अगस्त 2019 को रक्षाबंधन पर लोग यमुना नदी पार कर नाव से फतेहपुर के चांदपुर से सुमेरपुर थाना क्षेत्र के सुरौलीबुजुर्ग गांव आ रहे थे। नाव पलटने से आठ लोग डूब गए थे। इनमें छह लोगों को नाविकों ने बचा लिया था और चांदपुर निवासी जगन्नाथ (52) व सुरौली की निशा (27) की मौत हो गई थी।
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जिले में फिलहाल कहीं लोग नाव से पार नहीं कर रहे हैं। फिर भी एहतियात के तौर पर अधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है। इसको लेकर संबंधित थानों को भी निर्देशित कर दिया गया है।  -रमेश चंद्र, अपर जिलाधिकारी
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