परिजन उसे फंदे से उतारकर उपचार के लिए शहर के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने हालत गंभीर देखकर जिला अस्पताल भेज दिया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पिता फौजी योगेंद्र पाल की चार वर्ष पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। पिता की मौत के बाद बच्चों की परवरिश उनके उनके दादा कर रहे हैं।