सितंबर में दे सकती हैं शावकों को जन्म
शेरनियों का गर्भकाल 105 दिन का होता है। ऐसे में सितंबर के अंत तक दोनों शेरनीयां शवकों को जन्म दे सकती हैं। सफारी के प्रजनन केंद्र में सेल को हाईजीन कर दोनों शेरनियों को रखा गया है। लगातार सफारी टीम उनकी हर क्रिया पर नजर बनाए हुए है। बता दें कि कोरोना काल के दो वर्षों में एक भी शेर-शेरनी की मुलाकात नहीं कराई गई थी।
मनन ने दिया था नौ शावकों को जन्म
इटावा सफारी में पैदा हुए नौ शावकों में सभी शावक मनन से पैदा हुए थे। इसमें पांच बब्बर शेर सुल्तान, सिम्बा, बाहुबली, भरत, केसरी हैं। वहीं चार शेरनी रूपा, सोना, गार्गी और नीरजा हैं। इसमें आठ शावक जेसिका तो एक शावक जेनिफर का है।