एक ऐसा शिवलिंग जिसका कोई छोर नहीं। ये जानकर तो सभी चकित हो जाएंगे लेकिन इससे भी बड़ी विशेषता इस शिवलिंग की ये है कि ये लिंग अक्सर अपना रंग भी बदलता रहता है।
क्रवार को शिवरात्रि के पावन पर्व पर कानपुर के भीतरगांव में बने छठवीं सदी के गुप्तकालीन मंदिर में इस शिवलिंग के दर्शन के लिए सुबह से ही भक्तों की कतारें लगना शुरू हो गईं। जानकारों का कहना है कि ये एक अंतहीन प्राकृतिक शिवलिंग है। जिसमें भगवान भोलेनाथ अपने परिवार के साथ नजर आते हैं। झारखण्डेश्वर शिवाला के नाम से ये मंदिर पूरे भारत में मशहूर है। पचास साल पहले खेत की जुताई के दौरान ये शिवलिंग बाहर आया था।