मारपीट कर जमीन पर गिराने के बाद सीने में चाकू से कई वार कर लहूलुहान कर दिया। घटना के बाद सभी अलग-अलग बाइकों से भाग निकले।सूचना पर पत्नी नंदनी पहुंची और लोगों की मदद से पति को जिला अस्पताल लेकर पहुंची। डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कोतवाल राजेश पाठक घटनास्थल पहुंचे और जांच के साथ ही लोगों से जानकारी ली। एसपी दिनेश त्रिपाठी और सीओ आशुतोष कुमार जिला अस्पताल पहुंचे और मृतक की पत्नी व बच्चों के बयान दर्ज किए। एसपी ने बताया कि जमीन के बंटवारे के विवाद में छोटे भाई ने हत्या की है। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें लगा दी गई हैं।
पैतृक संपत्ति बचाने में गई जान, परिवार हुआ बेसहारा
पिता रामचंद्र की मौत के बाद से देवेश अपने बड़े भाई दिनेश पर जमीन बेचने का दबाव बना रहा था। लेकिन दिनेश जमीन को भविष्य के लिए जमा पूंजी बताकर उसे बेचने का विरोध करता था। इसी जमा पूंजी को बचाने में दिनेश की जान चली गई और उसका परिवार बेसराहा हो गया।
दिनेश ने एक पुरानी इनोवा कार खरीद उसे खुद ही किराए पर चलाकर प्त्नी नंदिनी और दो बच्चों में बेटे कृष्णा और बेटी तक्षवी का पालन पोषण कर रहा था। जबकि छोटा भाई देवेश बिजली मैकेनिक है। वह नशे का लती है और अक्सर भाई व परिवार के अन्य लोगों से विवाद करता था। देवेश ने करीब डेढ़ बीघा जमीन का एक प्रापर्टी डीलर से सौदा कर लिया था और बयाना के रूप में तीन लाख रुपये भी ले लिए थे।
जानकारी होने पर दिनेश ने विरोध किया तो मां सुमन और एक बहनोई भी देवेश के पक्ष में खड़े हो गए। उसने जमीन का बंटवारा करने और अपने हिस्से की जमीन न बेचने की बात कही तो आए दिन गाली गलौज करने लगा। परेशान होकर दिनेश ने न्यायालय में पैतृक संपत्ति के बंटवारे का मुकदमा दायर कर दिया। इसके बाद से छोटा भाई और जमीन का बयाना देने वाले परेशान थे।
दो दिन पहले दी थी जान से मारने की धमकी
मृतक के परिजनों ने बताया कि देवेश दो दिन पहले नशे में आया था और बड़े भाई को जमीन की रजिस्ट्री में हस्ताक्षर करने को कहा था। इनकार करने पर उसने जान से मारने की धमकी दी थी। परिजनों ने बताया कि इससे पहले भी कई बार झगड़ा हुआ और मामला पुलिस तक पहुंचा लेकिन भाईयों के बीच का मामला होने से पुलिस मामला शांत करा देती और देवेश भी फिर कभी विवाद और मारपीट न करने की बात कहता।
पिता की भी हत्या का आरोप
मृतक की पत्नी नंदनी ने बताया कि इसी जमीन को लेकर आठ साल पहले ससुर (देवेश के पिता) को भी देवर देवेश ने खूब पीटा था। इससे काफी समय तक इलाज कराने के बाद उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद से देवेश मां के साथ अलग रहने लगा था।