इटावा। यूपीए सरकार ने ग्रामीण लोगों के पलायन को रोकने के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का शुभारंभ किया। इसमें व्यक्ति को मांग और मांप के आधार पर काम दिया जाता है। सरकार की सोच थी कि गांव के व्यक्ति को गांव में ही मनरेगा में काम करने के लिए काम मिले।
वर्तमान समय में सरकार की ओर से मनरेगा योजना को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार की ओर से संचालित मनरेगा योजना में एक माह से मनरेगा के कार्य निर्धारण करने वाली ऑनलाइन वेबसाइट कार्य नही कर पा रही है। वेबसाइट भी न चलने का बहाना लेकर सरकार मनरेगा योजना में काम कर रहे श्रमिकों, रोजगार सेवकों को भी परेशान करने का काम कर रही है।
लोकसभा चुनाव होने और आचार संहिता समाप्त हुए एक माह बाद भी जनपद में मनरेगा मजदूरों को रोजगार न मिलने पर जिला समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता उदय भान सिंह यादव ने कहा कि मनरेगा की वेबसाइट न चलने के कारण कार्यों का एस्टीमेट नही बन पा रहा है। जब यह कार्य नहीं हो पाएगा तो मनरेगा मजदूरों को रोजगार भी नही मिल पाएगा। संवाद