कानपुर। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (एडीएचडी) के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विभागाध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र गौतम ने अभिभावकों, शिक्षकों और आमजन को इस विकार के लक्षणों, समय पर पहचान और उचित उपचार के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एडीएचडी से प्रभावित बच्चों में एकाग्रता की कमी, अत्यधिक चंचलता, एक स्थान पर शांत बैठने में कठिनाई और बिना सोचे-समझे कार्य करने की प्रवृत्ति देखी जा सकती है। इसके कारण बच्चों को पढ़ाई, दैनिक गतिविधियों और सामाजिक व्यवहार में परेशानी हो सकती है। डॉ. गौतम ने अपील की कि बच्चों के इन लक्षणों को शरारत या अनुशासनहीनता समझकर नजरअंदाज न करें। समय पर पहचान और विशेषज्ञ से परामर्श बच्चों के बेहतर भविष्य में सहायक है। कार्यक्रम में डॉ. अरुण आर्या, डॉ. अमितेश यादव, डॉ. राहुल, डॉ. रश्मि और डॉ. अनामिका सहित अन्य मौजूद रहे। (संवाद)