वहां से गुजर रहे कांवड़ियों ने उसके पैर उठाकर बचाते हुए वीडियो बनाकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दिव्यांग को नीचे उतारा। उसने रंजिशन अपहरण और हत्या के प्रयास का आरोप लगाया है। पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी। पूछताछ में धीर सिंह पाल ने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने उनके दोनों हाथ बांधकर गले में फंदा लगाकर पेड़ पर लटका दिया। लोगों का शोर सुनकर हड़बड़ाहट में लटकाकर भाग गए।
उसने किसी तरह से हाथ निकालकर पेड़ की डाल पकड़कर चीख-पुकार शुरू कर दी। वहां से गुजर रहे कांवड़िये पहुंचे। एक युवक ने वीडियो बनाते हुए पैर उठाकर नीचे ईंटें लगा दीं। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने उसे फंदे से नीचे उतारा। धीर सिंह ने बताया कि कई साल पहले कुछ लोगों ने उनके पुत्र पर जानलेवा हमला किया था। घटना से एक दिन पहले बयान दर्ज हुए थे। इसी रंजिश के चलते उनके साथ घटना को अंजाम दिया गया।
पीड़ित की शिकायत पर कादरीगेट थाने के दरोगा जगदीश वर्मा पुलिस बल के साथ पीड़ित और आरोपी के घर जांच करने पहुंचे। कादरीगेट थाना प्रभारी विनोद शुक्ला ने बताया कि प्रथम दृष्ट्या मामला फर्जी है। पहले हुए झगड़े के आरोपियों को फंसाने के लिए कहानी गढ़ी गई। फिलहाल जांच कर रहे हैं।