कानपुर देहात। मैनपुरी जिले से लहसुन लोडकर कानपुर के भौंती मंडी जा रही डीसीएम सिकंदरा के कौरवा के पास आगे चल रहे ट्रक में पीछे से जा घुसी। हादसे में लहसुन व्यापारी की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दो अन्य व्यापारी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
मैनपुरी जिले के नगला बगिया थाना घिरोर निवासी सतेंद्र कुमार (28) पुत्र रमेशचंद्र लहसुन का व्यापार करता था। शुक्रवार की रात वह घिरोर से लहसुन लोड कर एक डीसीएम से कानपुर की चकरपुर मंडी भाैंती के लिए निकला था। उसके साथ दो व्यापारी धर्मेंद्र कुमार निवासी मुगलपुरा व शिवम निवासी घिरोर भी सवार थे। शनिवार तड़के पांच बजे के करीब जैसे ही उनकी डीसीएम कानपुर-इटावा नेशनल हाईवे पर सिकंदरा थाना क्षेत्र के कौरवा पुल के पास पहुंची। इसी बीच आगे चल रहे ट्रक चालक ने अचानक से ब्रेक लगा दी। जिससे तेज रफ्तार डीसीएम के चालक ने संतुलन खो दिया और डीसीएम ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर से पहले ही चालक कूदकर भाग गया। जबकि डीसीएम में आगे की ओर बैठे सतेंद्र, धर्मेंद्र व शिवम केबिन में फंसकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने घायलों को बाहर निकाल इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉ. निशांत पाठक ने सतेंद्र को मृत घोषित कर दिया। थाना प्रभारी सिकंदरा अमरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
घर में सबसे छोटा था सत्येंद्र, मां रही बेहाल
सिकंदरा। हादसे में जान गंवाने वाला सत्येंद्र घर में सबसे छोटा था। उसकी मौत की जानकारी मिलते ही भाई सुरेंद्र, कमलेश, सुखवीर जिला अस्पताल पहुंचे। भाइयों ने बताया कि सतेंद्र की शादी नहीं हुई थी। वह सबसे छोटा था और व्यापार कर परिवार की जिम्मेदारी संभाले था। इधर बेटे की मौत की जानकारी से मां विमला देवी का बुरा हाल रहा।