कानपुर। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कानपुर समेत देशभर की सभी विनियमित संस्थाओं और सूचीबद्ध कंपनियों को नए साइबर फ्रॉड बॉस स्कैम से सतर्क रहने की सलाह दी है। यह चेतावनी भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र की ओर से बढ़ते मामलों की जानकारी मिलने के बाद जारी की गई है। सेबी के अनुसार साइबर अपराधी किसी कंपनी के सीईओ, एमडी या अन्य वरिष्ठ अधिकारी की पहचान का दुरुपयोग कर कर्मचारियों, खासकर वित्त विभाग के अधिकारियों को ई-मेल, व्हाट्सएप, माइक्रोसॉफ्ट टीम्स या अन्य सोशल मीडिया माध्यमों से तत्काल धनराशि ट्रांसफर करने के निर्देश देते हैं। कई मामलों में लेनदेन को गोपनीय रखने के लिए भी कहा जाता है। शेयर बाजार विशेषज्ञ कृष्ण कुमार शुक्ला ने बताया कि ठग एआई, डीपफेक वीडियो और वॉयस क्लोनिंग के जरिये वरिष्ठ अधिकारियों की नकली आवाज और वीडियो तैयार कर कर्मचारियों को भ्रमित करते हैं। वहीं जिप (.zip) फाइलों में मैलवेयर भेजकर कंप्यूटर और व्हाट्सएप वेब का नियंत्रण भी हासिल कर लेते हैं। सेबी ने सलाह दी है कि केवल ऑनलाइन संदेशों के आधार पर कोई भुगतान न किया जाए और हर वित्तीय निर्देश की पुष्टि संबंधित अधिकारी से सीधे फोन पर की जाए। संदिग्ध फाइल डाउनलोड करने से बचें तथा साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। (ब्यूरो)