डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल ने बताया कि शनिवार रात नाइजीरियन मूल के ट्रॉय नामक शख्स को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। वह मोसेस संग मिलकर गिरोह चलाता था। गिरफ्तार करने वाली टीम में दरोगा पुनीत तोमर, हेड कांस्टेबल राहुल पांडेय व सिपाही जितेंद्र, राजीव व प्रवीण शामिल रहे।
हर ठगी के बाद बदल देते नंबर
क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि गिरोह में एक दर्जन से अधिक नाइजीरियन शामिल हैं। सभी किराये पर बैंक खाते लेते हैं। ठगी की रकम उसमें ट्रांसफर कराते हैं। फिर खाता धारक से कनेक्शन खत्म कर देते हैं, जिससे पकड़े न जाएं। हर ठगी के बाद मोबाइल नंबर बदल देते हैं। प्रीएक्टिवेटेड सिम का इस्तेमाल करते हैं।
अवैध रूप से रह रहा था नाइजीरियन
क्राइम ब्रांच की जांच में पता चला कि नाइजीरियन मेडिकल वीजा पर भारत आया था। वीजा की समयावधि खत्म होने के बावजूद नहीं लौटा। गिरोह बनाकर ठगी करने लगा। नाइजीरिया में भी गिरोह के लोग हैं, जो लोगों को जाल में फंसा कर ठगी करते हैं। नाइजीरियन के अवैध रूप से रहने की जानकारी विदेश मंत्रालय को दी गई है।