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Cyber Fraud: करोड़ों की ठगी करने वाला नाइजीरियन दिल्ली से गिरफ्तार, क्राइम ब्रांच चार को भेज चुकी है जेल

Sun, 07 Aug 2022 09:42 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

एक सप्ताह पहले क्राइम ब्रांच ने एक नाइजीरियन समेत चार को जेल भेजा था। उसी गिरोह का एक और सदस्य पकड़ा गया है। सोशल मीडिया से लोगों करे जाल में फंसाता था। कभी गिफ्ट भेजने, तो कभी नौकरी लगवाने का झांसा देकर रकम वसूलता था। 
 
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साइबर सुरक्षा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नौकरी लालच देकर इंजीनियर को ठगने के मामले में क्राइम ब्रांच ने शनिवार रात दिल्ली से एक और नाइजीरियन को गिरफ्तार किया। टीम पूर्व में गिरफ्तार किए गए ठगों के मोबाइल नंबर की सीडीआर से मिले नंबर और सर्विलांस टीम की मदद से क्राइम ब्रांच उस तक पहुंची। बीते दो वर्षों में आरोपी करीब पांच करोड़ रुपये की ठगी कर चुका है। 

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जाजमऊ निवासी इंजीनियर दीप को कुछ महीने पहले अमेरिका की एक कंपनी के ई-मेल से नौकरी का ऑफर मिला था। आवेदन कर पंजीकरण फीस भी जमा कर दी थी। बाद में कई किस्तों में करीब पांच लाख रुपये जमा करा लिए। नौकरी न मिलने पर ठगी का पता चला। केस दर्ज कर क्राइम ब्रांच ने एक सप्ताह पहले दिल्ली से नाइजीरियन मोसेस, अश्वनी, अमन व शान खान को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। 

डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल ने बताया कि शनिवार रात नाइजीरियन मूल के ट्रॉय नामक शख्स को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। वह मोसेस संग मिलकर गिरोह चलाता था। गिरफ्तार करने वाली टीम में दरोगा पुनीत तोमर, हेड कांस्टेबल राहुल पांडेय व सिपाही जितेंद्र, राजीव व प्रवीण शामिल रहे। 

हर ठगी के बाद बदल देते नंबर 
क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि गिरोह में एक दर्जन से अधिक नाइजीरियन शामिल हैं। सभी किराये पर बैंक खाते लेते हैं। ठगी की रकम उसमें ट्रांसफर कराते हैं। फिर खाता धारक से कनेक्शन खत्म कर देते हैं, जिससे पकड़े न जाएं। हर ठगी के बाद मोबाइल नंबर बदल देते हैं। प्रीएक्टिवेटेड सिम का इस्तेमाल करते हैं। 
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अवैध रूप से रह रहा था नाइजीरियन
क्राइम ब्रांच की जांच में पता चला कि नाइजीरियन मेडिकल वीजा पर भारत आया था। वीजा की समयावधि खत्म होने के बावजूद नहीं लौटा। गिरोह बनाकर ठगी करने लगा। नाइजीरिया में भी गिरोह के लोग हैं, जो लोगों को जाल में फंसा कर ठगी करते हैं। नाइजीरियन के अवैध रूप से रहने की जानकारी विदेश मंत्रालय को दी गई है।
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