कानपुर। अनुशासनहीनता और नियुक्ति के दौरान गलत जाति और निवास प्रमाणपत्र लगाने के मामले में चल रही जांच में शनिवार को छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट प्रो. मुकेश रंगा को बर्खास्त कर दिया गया है। यह फैसला विवि की कार्यपरिषद की बैठक में यह फैसला लिया गया है। प्रो. रंगा के खिलाफ कई जांचें चल रही थीं जिसमें दोषी पाते हुए कार्य परिषद ने बर्खास्तगी का फैसला लिया है। विवि के सेंटर फॉर एकेडमिक में कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में कार्य परिषद की बैठक हुई। इसमें प्रो. रंगा प्रकरण की सुनवाई हुई। प्रो. रंगा पर लगातार आदेशों की अवहेलना, अनुशासनहीनता के साथ विवि में नौकरी के दौरान पूर्व नियोक्ता की एनओसी न देना और जाति व निवास के उचित दस्तावेज न लगाने के आरोप लगे थे। आरोप है कि झांसी में नियुक्ति के दौरान हरियाणा का निवासी दिखाने के साथ वहां का अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र लगाया था। इन सब मामलों के सामने आने के बाद जांच बैठी और उनको निलंबित कर दिया था। कई बार बैठक में वह गैरहाजिर रहे और न ही नोटिस का जवाब दिया। शनिवार की बैठक में उनको बर्खास्त कर दिया।