खबर दिव्यांश सिंह फोटो है। पुस्तक विमोचन के साथ राज्यपाल ने किया वेबकॉन का शुभारंभ - देश के कई स्थानों से प्रतिभागियों ने ऑनलाइन लिया हिस्सा - राज्यपाल ने कहा वेबकॉन के सुझावों को केंद्र एवं प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा संवाद न्यूज एजेंसी कानपुर। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में कृषि क्षेत्र में उत्पादन , ट्रांसपोर्टेशन एवं मार्केटिंग चैन विषय पर आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय वेबकॉन का उद्घाटन बुधवार को प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा किया गया । उद्घाटन के मौके पर सीएसए द्वारा प्रकाशित कोविड-19 पोस्ट एग्रीकल्चरल एवं ट्रांसफॉरमेशन\" नामक पुस्तक का विमोचन करते हुए राज्यपाल ने कहा लॉकडाउन में पहली बार कृषि क्षेत्र में राष्ट्रीय वेब कान्फ्रेंस के माध्यम से कृषि वैज्ञानिकों एवं नीति निर्माताओं को जोड़ने के लिए सीएसए के कुलपति डॉक्टर डीआर सिंह का यह सराहनीय कार्य है । राज्यपाल ने कहा कि इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय वेबकान में वैज्ञानिकों द्वारा जो सुझाव और रणनीतियां आएंगी, उसे केंद्र एवं प्रदेश सरकार को प्रेषित किया जाएगा। राष्ट्रीय वेबकॉन के पहले दिन कृषि ,शोध संस्थानों के निदेशक, विश्वविद्यालयों के कुलपति, कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिक, किसान और छात्र छात्राओं ने ऑनलाइन प्रतिभाग किया । अध्यक्षीय भाषण देते हुए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा भूमि की उत्पादकता एवं उर्वरता बढ़ाने के लिए मृदा में जीवांश कार्बन बढ़ाने की आवश्यकता है, जिसके लिए बीज गोदामों में कृषको के लिए ढैंचा के बीज की व्यवस्था की गई है । उन्होंने कहा कि अभी तक प्रदेश में 873 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। पूरे देश में लाक डाउन के दौरान रबी की फसलों की कटाई मड़ाई में कोई समस्या ना हो, इसके लिए दूसरे प्रदेशों से 4474 कंबाइन मशीने मंगाई गई हैं। खरीफ फसल हेतु पूरे प्रदेश में 21 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल आच्छादित करने का लक्ष्य है। साथ ही कृषि मंत्री ने कहा की कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र साथ में मिलकर कृषकों की आय बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं , वह एक सराहनीय कार्य है। कार्यक्रम सचिव डॉ विजय यादव ने बताया पहले दिन के कार्यक्रम में 12 ऑनलाइन व्याख्यान हुए हैं । इस मौके पर सीएसए के कुलपति डॉक्टर डीआर सिंह, डॉक्टर श्वेता एवं अन्य अधिकारी - प्रोफेसर ऑनलाइन जुड़े रहे ।