यूपी के फतेहपुर में बटाई पर खेत छोड़ने के अल्टीमेटम से नाराज भांजे ने विधवा मामी की सीने में गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारा भांजा फरार हो गया। बच्चों ने रोते हुए गांव के लोगों को घटना की जानकारी दी।
फतेहपुर चौरासी थानाक्षेत्र की कमलापुर ग्रामसभा के मजरा मातादीनखेड़ा निवासी मंजू यादव (42) पत्नी स्वर्गीय रघुनाथ यादव ने अपनी छह बीघा खेती बांगरमऊ के गांव दूबरपुरवा निवासी भांजे कल्लू यादव पुत्र रोशनलाल को आठ साल से बटाई पर दे रखी थी। हर बार उपज कम बताकर बराबर हिस्सा न देने को लेकर विवाद के बाद मंजू ने इस बार अपने खेत उसे बटाई पर देने से इनकार कर दिया।
वह गांव के एक व्यक्ति को बटाई पर खेत देना चाहती थीं। इसको लेकर बात भी चल रही थी। इसकी जानकारी होने के बाद से कल्लू नाराज था। मामी और भांजे में इसी बात पर कई बार विवाद भी हुआ था। उसने बटाई पर खेत लेने आने वाले लोगों को धमकाया भी था। इस बार कल्लू ने खेत में गेहूं की फसल बोई थी। मंजू ने साफ कह दिया था कि गेहूं की फसल कटने के बाद वह (कल्लू) खेत छोड़ दे।
शनिवार देर रात कल्लू गेहूं की सिंचाई कर घर पहुंचा। वह मामी से विवाद करने लगा। पास में ही सो रहे मंजू के बेटे राजनारायण (13) और जगतनारायण (8) की नींद खुल गई। विवाद से आग बबूला कल्लू ने कमर से तमंचा निकाल लिया। उसने मामी मंजू के सीने में सटाकर गोली मार दी। गोली चलने की आवाज सुनकर दोनों बच्चे सहम गए। गोली मारने के बाद कल्लू भाग निकला।
गोली की आवाज से पड़ोसियों की नींद खुल गई। दोनों बच्चे रोते हुए घर के बाहर भागे। जानकारी पर थानाध्यक्ष धर्मवीर सिंह मौके पर पहुंचे। शुरुआती जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मंजू के भतीजे कृपाशंकर यादव ने कल्लू यादव के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। एसओ धर्मवीर सिंह ने बताया कि मृतका के भतीजे की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।