उन्नाव के औरास थानाक्षेत्र के गुलाबखेड़ा गांव में अजीब हत्या की दास्तान सामने आई है। यहां एक लड़के ने चुड़ैल समझकर जिस औरत को मारकर कुएं में फेंक दिया था वो और एक हफ्ते बाद जिंदा देखी गई। पिछले 57 दिनों से हत्यारा लड़का जेल में बंद है लेकिन कुएं से निकली महिला की लाश किसकी है इसका पता पुलिस आज तक नहीं लगा पाई है।
गुलाबखेड़ा गांव के रामनरेश पुत्र रामशंकर 21 जुलाई की रात दरवाजे पर सो रहा था। देर रात वहां से गुजर रही एक महिला को देखकर दहशतजदा रामनरेश ने उसे चुड़ैल समझ कर पीटकर हत्या कर दी थी और उसकी लाश गुलाबखेड़ा-भक्ताखेड़ा गांव के बीच राजेपाल के बाग में बने कुएं में डाल दी थी। अगले दिन गांवों वालों से सूचना मिलने पर पुलिस ने रामनरेश को गिरफ्तार कर महिला की लाश देर रात कुएं से बरामद कर ली। मरने वाली महिला की पहचान थानाक्षेत्र के ही डकौली निवासी गंगाराम पुत्र सुंदरलाल ने अपनी मानसिक बीमार बहन रूपा के रुप में की थी। गंगाराम की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी रामनरेश को जेल भेज दिया था, लेकिन हफ्ते भर बाद मानसिक बीमार रूपा जिंदा मिल गई। इससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था कि जिसका शव बरामद हुआ आखिर वह महिला कौन है। इसके बाद पुलिस उस महिला का पता लगाने में जुट गई, लेकिन 57 दिन बाद भी उसका पता पुलिस नहीं लगा पाई है और आरोपी युवक उस गुमनाम महिला की हत्या के आरोप में सजा काट रहा है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी बांगरमऊ का कहना है कि मरने वाली महिला की पहचान के लिये आसपास के सभी जिलों में संपर्क किया जा रहा है।