पति-पत्नी के पवित्र रिश्ते को तारतार कर पति की हत्या करने वाली हत्यारिन पत्नी को उसके प्रेमी समेत अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उन्नाव ज़िले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में इस हत्या में शामिल पत्नी और उसके प्रेमी समेत एक अन्य व्यक्ति को मुल्जिम करार कर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी अदा करने के आदेश दिए गए हैं। शुक्रवार को न्यायाधीश डा. जया पाठक फास्ट ट्रैक कोर्ट ने अंतिम सुनवाई में यह फैसला सुनाया। बता दें यह घटना हसनगंज थानाक्षेत्र के रानीखेड़ा खालसा में मार्च 2013 में हुई थी।
हसनगंज थानाक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव रानीखेड़ा खालसा निवासिनी पुष्पादेवी पत्नी स्व. बरातीलाल ने 14 मार्च सन 2013 को थाने पहुंचकर तहरीर दी थी कि उसके पति बरातीलाल रात में घर नहीं पहुंचे थे और उनकी लाश गांव के बाहर हसनगंज-बांगरमऊ रोड किनारे पड़ी मिली है। पुलिस ने जब मामले की जांच की तो विपिन नाम के व्यक्ति का इसमें हाथ होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने विपिन को गिरफ्तार किया और जब पूछताछ की तो पता चला कि पुष्पादेवी ने ही विपिन कुमार व उसके एक और साथी जितेंद्र सिंह के साथ मिलकर बरातीलाल की घर में ही हत्या की थी और शव को रोड किनारे डाल दिया था।
इसके बाद पुलिस ने पुष्पादेवी, विपिन कुमार व जितेंद्र सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया। तभी से मामले की सुनवाई न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही थी। शुक्रवार को हुई मामले की अंतिम सुनवाई में सहायक शासकीय अधिवक्ता योगेश कुमार सिंह ने तर्क दिया कि अभियुक्तों ने इस मामले में जघन्य अपराध किया है। इससे उन्हें अधिक से अधिक सजा दी जाए। शासकीय अधिवक्ता की ओर से पेश की गई दलीलों व गवाहों को ध्यान में रखते हुए न्यायाधीश डा. जया पाठक ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 15-15 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। कोर्ट ने आदेश दिए कि दोषी अगर अर्थदंड जमा नहीं करते हैं तो उन्हें डेढ़ वर्ष का अतिरिक्त कारवास दिया जाए।