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उत्पाती बंदरों ने छीना सिक्कों से भरा थैला

Wed, 30 Nov 2016 05:31 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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खाने-पीने का सामान छीनने के साथ अब वह लोगों के रुपये-पैसे छीनकर भाग रहे - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर के घाटमपुर कस्बे में उत्पाती बंदरों का आतंक है। खाने-पीने का सामान छीनने के साथ अब वह लोगों के रुपये-पैसे छीनकर भाग रहे हैं। बुधवार को एक बंदर महिला के हाथ से सिक्कों से भरा थैला छीनकर भाग गया। थाना सजेती के कुरसेड़ा गांव निवासी सरोज गुप्ता ने बताया कि उसके पोते गोलू (5) के पैर में फोड़ा है। उसका ऑपरेशन कराने के लिए वह डॉक्टर के पास आई थी। इलाज कराने के बाद दवाएं लेकर वापस गांव लौट रही थी। वह जैसे ही कोतवाली के सामने पहुंची। तभी दो-तीन बंदरों ने उसे घेर लिया। एक बंदर ने हाथ में लिए दवा का पैकेट जबकि, दूसरे ने एक पालीथिन में बंधे सिक्के छीन लिए और राजकीय बीज भंडार की छत पर चढ़कर भाग निकले। 
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वह मेहनत-मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करती है। पोते के फोड़े का आपरेशन कराने के लिए उसने उधार मांगकर 500 रुपये जुटाए थे। बड़े नोट बंद होने से उसके पास एक, दो, पांच और दस रुपये के सिक्के थे, जिनको एक पॉलीथीन में बांधकर हाथ में पकड़े थी जबकि, दूसरे पालीथिन में बच्चे की दवाएं बंधी थीं। मौके पर मौजूद लोगों ने बंदरों को दौड़ाया तो उन्होंने दवा की पालीथिन छोड़ दी, लेकिन रुपयों वाली पॉलीथीन लेकर भाग गए।  लोगों ने बताया कि तहसील, कोतवाली, रोडवेज बस स्टैंड, पुराना बाजार और नगर पालिका रोड पर बंदरों का सबसे अधिक आतंक है। जरा सी चूक होते ही घरों में घुसकर सामान उठा ले जाने के साथ ही राहगीरों का सामान छीनकर भाग जाते हैं। 
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