कानपुर। व्यापमं घोटाले में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के चार और स्टूडेंट्स को एमपी एसटीएफ और एसआईटी ने गिरफ्तार कर लिया है। तीन स्टूडेंट्स को एमपी में पूछताछ के बाद एसटीएफ और एक स्टूडेंट को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में इंटरनल एग्जाम के दौरान एसआईटी ने गिरफ्तार किया। ‘अमर उजाला’ ने गुरुवार के अंक में व्यापमं घोटाले के वांछित के एग्जाम देने की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। अब तक जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के 11 स्टूडेंट व्यापमं घोटाले में गिरफ्तार हो चुके हैं। इधर, एसआईटी रीवा के सामने अपना पक्ष रखने के लिए मेडिकल स्टूडेंट धीरेंद्र कुमार मिश्र पहुंच चुका है। अफसरों का कहना है कि धीरेंद्र से पूछताछ की जा रही है। एसआईटी रीवा ने एक अन्य स्टूडेंट नीरज कुमार को व्यापमं में संलिप्तता न मिलने पर छोड़ दिया है। एक स्टूडेंट को साथ लेकर एसआईटी ने काकादेव और तुलसी नगर कोचिंग मंडी में छापा भी मारा।
एसटीएफ भोपाल ने इस घोटाले में वांछित मेडिकल छात्र बृजेश यादव, भीष्म पितामह और अनिल कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों अपना पक्ष रखने भोपाल गए थे। वहां पूछताछ में तीनों ने घोटाले में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। भोपाल एसटीएफ के डीएसपी डीएस बघेल ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि कुछ और स्टूडेंट्स के नाम का खुलासा हुआ है। उनकी छानबीन की जा रही है। उधर गुरुवार को रीवा एसआईटी ने मेडिसिन विभाग में छापा मारकर 2010 बैच के स्टूडेंट शशांक अग्रवाल को हिरासत में ले लिया। परिजनों को पहले से ही शशांक की गिरफ्तारी की आशंका थी इसलिए वह भी विभाग में ही मौजूद थे। परिजनों ने एसआईटी से कॉलेज परिसर में ही पूछताछ का अनुरोध किया लेकिन टीम शशांक को लेकर अज्ञात स्थान पर चली गई। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रॉक्टर डॉ. जीडी यादव ने बताया कि शशांक को एग्जाम के बाद एसआईटी रीवा ने हिरासत में लिया है। कॉलेज प्रशासन जांच टीम का पूरा सहयोग कर रहा है।
अब दूसरे प्रवीन की तलाश
एसआईटी रीवा ने 24 जनवरी को मेडिकल कॉलेज प्रशासन को 2009 बैच के छात्र प्रवीन कुमार के नाम का नोटिस दिया था। बाद में पता चला कि प्रवीन नाम के दो स्टूडेंटट 2009 बैच में हैं। इसकी जानकारी के बाद गुरुवार को मेडिकल कॉलेज पहुंची एसआईटी ने प्रवीन कुमार पुत्र सौमवीर सिंह के नाम का नोटिस रिसीव कराया। प्रॉक्टर डॉ. जीडी यादव ने इसकी पुष्टि की है।
एक जेआर एमपी रवाना
मेडिकल कॉलेज के जच्चा-बच्चा अस्पताल के जेआर डॉ. योगेंद्र कुमार ने एसटीएफ के सामने पक्ष रखने के लिए दो दिन का अवकाश लिया है। एसटीएफ को उनसे पूछताछ करनी है। कॉलेज प्रशासन का दबाव बढ़ता देख डॉ. योगेंद्र ने जांच टीम के सामने प्रस्तुत होने के लिए छुट्टी ली। प्रॉक्टर डॉ. जीडी यादव ने बताया कि गाइनी विभाग से इसकी जानकारी मिली है।
एक आरोपी इंटरनल एग्जाम में भी नहीं हुआ शामिल
प्रॉक्टर ने बताया कि एसआईटी रीवा का वांछित प्रशांत श्रीवास्तव कॉलेज के इंटरनल एग्जाम में भी शामिल नहीं हो रहा है। बुधवार को उसका सर्जरी में एग्जाम था। वह नहीं आया। गुरुवार को मेडिसिन में हुए एग्जाम में भी वह शामिल नहीं हुआ। तकरीबन 15 दिनों से उसका कोई पता नहीं है। परिजनों को जानकारी दे दी गई है।
कोचिंग मंडियों में छापा
सागर एसआईटी की टीम गिरफ्तार छात्र संजय पटेल को लेकर गुरुवार को कानपुर पहुंची और काकादेव व तुलसीनगर कोचिंग मंडियों पर छापा मारा। संजय पटेल ने पूछताछ में व्यापमं घोटाले के बारे में कई अहम जानकारियां दी हैं। पहले भी एसआईटी कोचिंग मंडियों पर छापा मार चुकी है।
यह हो चुके हैं गिरफ्तार
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के 11 स्टूडेंट्स की व्यापमं घोटाले के मामले में अब तक गिरफ्तारी हुई है। इससे पहले प्रदीप कुमार, गोविंद कुमार गुप्ता, गोविंद कुमार पांडेय, सुधीर कुमार प्रजापति, अंशुमान मिश्रा, संजय कुमार पटेल और एक अन्य स्टूडेंट को गिरफ्तार किया जा चुका है।