जमीन के विवाद में ग्राम प्रधान की चाचा ने गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी भागकर घर पहुंचा और एक कमरे में खुद को बंद कर लिया। पुलिस ने घेराबंदी की तो आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। रुक-रुककर चार राउंड गोलियां चलाईं। इससे पुलिस को पीछे हटना पड़ा। तीन घंटे की मशक्कत के बाद रात आठ बजे पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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कानपुर के बिल्हौर विकास खंड क्षेत्र के गजना ग्राम प्रधान डिंपल कटियार उर्फ सूर्यप्रकाश (42) का अपने चाचा ओमप्रकाश कटियार (55) से लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। सोमवार शाम पांच बजे ओमप्रकाश ट्रैक्टर से विवादित भूमि की जुताई के लिए जा रहा था, तभी गांव के बाहर प्रधान डिंपल ने चाचा को रोक लिया। कहासुनी के दौरान ओमप्रकाश घर में रखी राइफल उठा लाया और भतीजे को गोली मार दी। डिंपल के पेट में गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई।
जब तक परिजन और मोहल्ले वाले कुछ समझ पाते तब तक ओमप्रकाश ने स्वयं को घर के एक कमरे में बंद कर लिया। इधर, ग्राम प्रधान की मौत की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। मौके पर एसपीआरए जेपी सिंह, सीओ, इंस्पेक्टर फोर्स के साथ पहुंच गए। इसी बीच कमरे से ओमप्रकाश रुक-रुककर फायरिंग करने लगा। एक गोली सामने खड़ी बस में जा धंसी। अंधेरा होने और फायरिंग देख पुलिस पीछे हट गई। तीन घंटे बाद रात आठ बजे पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। ओमप्रकाश ने बताया कि गांववाले उसे मार डालते इसलिए वह फायरिंग कर रहा था।
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पुलिस का रवैया काफी निराशाजनक रहा
मौके पर लगी पुलिस फोर्स
कानपुर के बिल्हौर में गजना ग्राम प्रधान डिंपल कटियार की हत्या के बाद पुलिस का रवैया काफी निराशाजनक रहा। हत्यारोपी ओमप्रकाश कमरे में छिप कर पुलिस बल के लिए आतंक बना रहा। उससे घबराई पुलिस मूकदर्शक बनी रही। पुलिस को कुछ न करते देख ग्रामीणों में गुस्सा फैल गया। उत्तेजित ग्रामीणों ने पुलिस के सामने ओमप्रकाश के घर की दीवार ढहा दी।
इसके बाद ओमप्रकाश ने फिर से एक फायर किया, जिसके बाद ग्रामीणों में भगदड़ मच गई। कई बार ग्रामीण ओमप्रकाश के घर की ओर एकत्र होते तो वह अंदर से फायरिंग कर देता। फायरिंग की आवाज सुन ग्रामीणों में भगदड़ मच जाती। रात करीब 7:40 बजे जैसे-तैसे पुलिस ने ओमप्रकाश को हिरासत में लिया। पुलिस ग्रामीणों का गुस्सा देख कड़ी सुरक्षा के घेरे में आरोपी को ले गई।
हमेशा राइफल साथ रखता था ओमप्रकाश
ग्रामीणों ने बताया कि भतीजा ग्राम प्रधान डिंपल कटियार से विवाद के कारण ओमप्रकाश कई वर्षों से लाइसेंसी राइफल हमेशा साथ रखता था। ग्रामीणों के मुताबिक ओमप्रकाश की गांव में किसी से पटरी नहीं खाती थी, इसलिए उसे हमेशा जान का खतरा सताया करता था। राइफल लेकर ही सोता था।
प्रधान डिंपल की मौत के बाद गजना में ही नहीं बल्कि क्षेत्र के भीटी हवेली ग्राम पंचायत में भी ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों के मुताबिक प्रधान डिंपल कटियार गरीबों के मददगार थे और घर आने वाले किसी भी गरीब की सहायता से नहीं चूकते थे।
पुश्तैनी जमीन का विवाद बना काल
बिल्हौर। गजना ग्राम प्रधान डिंपल कटियार उर्फ सूर्य प्रकाश के बाबा बलभद्र सिंह मूल रूप से कन्नौज जिले के सराय प्रयाग के रहने वाले थे। बलभद्र की गजना गांव में शादी हुई थी उन्हें अपनी ससुराल में करीब 70 बीघा भूमि मिली थी। ग्रामीणों के मुताबिक बलभद्र के दो पुत्र चंद्र प्रकाश और ओमप्रकाश थे। मृत्यु से पहले बलभद्र द्वारा कुछ खेतों का भली प्रकार बंटवारा न होने से चंद्रप्रकाश इनके दोनों पुत्रों डिंपल-सिंपल का ओमप्रकाश से विवाद हो गया। डिंपल का भाई सिंपल भी भीटी हवेली गांव का प्रधान है।