दो सयानी बहनों की संदिग्ध हालात में जलने से मौत हो गई। घर के अगले हिस्से में बनीं दुकान के बंद शटर से धुआं निकलते देख गांववालों ने शोर मचाया। इस पर कुछ लोग घर के अंदर पहुुंचे, लेकिन तब तक दोनों बहनों की मौत हो चुकी थी। इनकी मां बेहोश पड़ी थी। पुलिस आनर किलिंग के बिंदु पर भी जांच कर रही है। पुलिस का तर्क है कि आग लगने पर दोनों बहनें बाहर की ओर क्यों नहीं भागीं। इनके शव अगल-बगल पड़े थे। मामला यूपी के हरदोई टड़ियावां थाना क्षेत्र का है।
हरदोई टड़ियावां थाना क्षेत्र के ग्राम गुरसंडा निवासी सुरेंद्र गांव में ही साइकिल, मोटरसाइकिल के पंचर बनाने, हवा डालने आदि का कार्य करता है। घर के बाहरी हिस्से में उसकी दुकान है। बुधवार को सुरेंद्र बाइक से अपनी बहन के यहां ग्राम बेलहारी जा रहा था। घर पर पत्नी गीता के अलावा दो पुत्रियां पूजा (20) और कल्पना उर्फ संतोषी (19) थीं। दोपहर बाद कुछ ग्रामीणों ने दुकान से धुआं निकलते देखा तो सुरेंद्र को मोबाइल पर सूचना दी।
इसके साथ ही ग्रामीण शटर के पास से घर में जाने के लिए बने दरवाजे से अंदर घुसे तो घर के पिछले हिस्से में बने कमरे में संतोषी और पूजा मृत अवस्था में आग से झुलसी पड़ीं थीं। कुछ ही दूरी पर गीता भी बेहोश पड़ी थी। कमरे का कुछ सामान जला हुआ था, लेकिन यहीं पास में रखा घरेलू गैस सिलेंडर व अन्य सामान सुरक्षित था। इसी बीच सुरेंद्र भी घर वापस पहुंच गया।
गांववालों की सूचना पर आए सीओ हरियावां ममता कुरील, थानाध्यक्ष गोपाल नरायन सिंह ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मौके पर फील्ड यूनिट की टीम ने भी साक्ष्य जुटाए। एसओ गोपाल नरायन सिंह ने बताया कि गीता को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वह जली नहीं है। संभवत: दहशत या दुख के चलते बेहोश हो गई है। उसके होश में आने पर घटना के बारे में कुछ और जानकारी मिलेगी। उन्होंने बताया कि घटना की आनर किलिंग के बिंदु पर भी जांच की जा रही है।