मसवानपुर में गुरुवार रात सिंघाड़े के पैसे न देने पर हुई मामूली मारपीट के बाद दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। तनाव बढ़ता देख एक शख्स ने कंट्रोल रूम को घटना की सूचना दे दी।
कल्याणपुर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। मसवानपुर निवासी आशीष ठेले पर सिंघाड़ा बेचने निकला था। रात में घर लौट रहा था। आस्था होटल के पास क्षेत्र के बाबूखान ने उससे सिंघाड़ा खरीदा।
आशीष का आरोप है कि पैसा मांगने पर बाबूखान ने ने गाली-गलौज कर उसे पीट दिया। उसके शोर मचाने पर आसपास के लोग जुटे तो बाबू ने उनसे भी बदसलूकी की।
मारपीट की सूचना पर दोनों पक्षों के लोग आमने सामने आ गए और हंगामा होने लगा। इंस्पेक्टर एके सिंह थाने के सभी चौकी प्रभारियों और फोर्स के साथ पहुंचे और दोनों पक्षों को शांत कराया। इंस्पेक्टर का कहना है कि आशीष को इलाज के लिए हैलट भेजा गया है। तहरीर मिलने पर मामले की जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सांप्रदायिक संघर्ष पर एसएसपी से पूछताछ!
मुहर्रम वाले दिन शहर में हुए सांप्रदायिक संघर्ष की जांच एडीजी लॉ एंड आर्डर को सौंपी गई है। एक धर्म का बैनर फाड़ने से उठे विवाद वाले दिन और उसके अगले दिन अफसरों के दो घंटा देरी से पहुंचने समेत कई बिंदुओं पर एडीजी जांच कर रहे हैं। इस सिलसिले में गुरुवार को एसएसपी शलभ माथुर को लखनऊ बुलाया गया था। हालांकि एसएसपी ने इस बात की पुष्टि नहीं की है।
सूत्रों के मुताबिक डीजीपी जगमोहन यादव ने शहर में हुए संप्रदायिक संघर्ष की जांच एडीजी लॉ एंड आर्डर दलजीत चौधरी को सौंपी है। एडीजी कई बिंदुओं पर जांच कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि एडीजी ने एसएसपी को गुरुवार को इस मामले में बातचीत के लिए लखनऊ बुलाया था।
प्रमुख सचिव (गृह) ने भी एसएसपी को अपने दफ्तर में बुलाकर बातचीत की है। एसएसपी सुबह लखनऊ गए और शाम को लौट आए। उधर, एसएसपी का कहना है कि वह लखनऊ गए थे पर किसी जांच के सिलसिले में नहीं बल्कि एक अन्य सरकारी काम से गए थे।