लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर बृहस्पतिवार सुबह दो स्थानों पर एक के बाद एक आधा दर्जन वाहनों के आपस में भिड़ने से कार सवार बहनोई व उसके दो सालों की मौत हो गई। दूसरे हादसे में बैंक मैनेजर समेत तीन लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने क्रेन की मदद से वाहनों को किनारे कराया तब जाकर यातायात सामान्य हो पाया। लखनऊ के रहने वाले बैंक मैनेजर हरदोई में स्टेट बैंक में तैनात हैं।
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुअा हादसा
एक्सप्रेस वे पर क्षतिग्रस्त वाहन
पहला हादसा उन्नाव के पास पंचमखेड़ा गांव के सामने हुआ। यहां भोर पहर गिट्टी लदे ट्रक में तेज रफ्तार कार पीछे से घुुस गई। इसके बाद कार के पीछे चल रही आलू लदी पिकप ने भी पीछे से टक्कर मार दी। कार सवार फीरोजाबाद के नगला खांगर निवासी दीपक खंडेलवाल (28) पुत्र दिनेश सिंह व उनके साले अरांव थाने के बैजुआ खास गांव के सुमित (27) पुत्र सतीश गुप्ता की मौके पर ही मौत हो गई। कार में साथ रहे इटावा जिले के सदर कोतवाली निवासी सुमित के मौसेरे भाई ऋषभ (16) पुत्र सुधीर गुप्ता ने लखनऊ ट्रामा सेंटर में दम तोड़ दिया।
घायल कार में तड़पते रहे
एक्सप्रेस वे पर क्षतिग्रस्त गाड़ियाें की फाेटाे लेता युवक
हादसे के करीब आधे घंटे बाद थानाध्यक्ष कमलेश्वर यादव फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। क्षतिग्रस्त कार को कटर से काटकर में उसमें फंसे घायलों बाहर निकाला गया। इस दौरान लगभग तीन घंटे घायल कार में तड़पते रहे। इस बीच दीपक के रिश्तेदार बांगरमऊ के नौनिहालगंज निवासी अतुल कुमार आ गए। उन्होंने परिवारीजनों को घटना की जानकारी दी। आगे-पीछे लड़े वाहनों से एक्सप्रेस-वे पर जाम लग गया। पुलिस ने दो क्रेनों को मंगाकर क्षतिग्रस्त वाहनाें को हटवाया।
पुलिस इस हादसे के बाद यातायात सामान्य करने में जुटी ही थी कि एक्सप्रेस-वे पर अटिया गांव के सामने डीसीएम से कार की भिड़ंत हो गई। लखनऊ के बुद्धेश्वर मोहल्ला निवासी धीरेंद्र सिंह पुत्र सुमेर हरदोई जिले के हरपालपुर में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में मैनेजर हैं। वह अपने साथी भगौती पुत्र चेतई के साथ बैंक जा रहे थे। कार को पवन पुत्र गनेश चला रहा था। ये सभी घायल हो गए। पुलिस ने डीसीएम को कब्जे में ले लिया। चालक को भी थाने ले आई।