छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में हुए नक्सली हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट बृजेंद्र स्वरूप वर्मा नौबस्ता थानाक्षेत्र के खाड़ेपुर गांव के रहने वाले थे।
मंगलवार सुबह से ही शहीद के घर परिजनों को सांत्वना देने के लिए लोगों का तांता लग गया। शहीद की याद में गांव के सभी लोगों की आंखें डबडर्बा आईं। इधर, मां कमला बेटे की याद में रोते-रोते कई बार बेसुध हुईं।
पर, पिता कुबेर वर्मा ने उन्हें अपने पौत्र रवि को भी ढांढस बंधाया। बृजेंद्र के भाई अरुण ने शहादत की सूचना मिलने के बाद भी प्रशासन की अनदेखी पर सवाल उठाए।
शहीद के घर भाजपा सांसद डॉ. मुरली मनोहर जोशी, भाजपा विधायक सतीश महाना, पूर्व सांसद राजाराम पाल ने परिवार के साथ बैठकर सहानुभूति जताई। प्रशासन के भी लोग पहुंचे।
बृजेंद्र (55) की पत्नी सरोज की बीमारी के चलते 19 जनवरी 2014 को मौत हो गई थी। छह भाई-बहनों में बृजेंद्र दूसरे नंबर के थे। इनके परिवार में वृद्ध पिता कुबेर वर्मा, मां कमला देवी, छोटा भाई अरुण वर्मा, एक बेटा रवि और बेटी दिव्या हैं।
बहन मुन्नी, धनपाता और ज्ञानवती विवाहित हैं। भाई के शहीद होने की खबर सुनकर वह भी पति और बच्चों के साथ खाड़ेपुर गांव आई हैं।
बृजेंद्र के छोटे भाई अरुण ने बताया कि सोमवार शाम को लगभग छह बजे सीआरपीएफ कंट्रोल से घर पर फोन आया कि नक्सली हमला हो गया है।
हम लोग टीवी देखने लगे, लेकिन कहीं ऐसा दिखाई नहीं दिया। फिर अचानक रात में लगभग 12 बजे फोन आया कि डिप्टी कमांडेंट बृजेंद्र स्वरूप शहीद हो गए।
सुनते ही परिवार के लोग सन्न रह गए। रात से लेकर सुबह तक कहीं कोई बताने वाला नहीं था, कि कब शव आएगा। कहां मिलेगा, कैसे, क्या हुआ।
जिला प्रशासन के पास भी इस संबंध में कोई जवाब नहीं था। ऐसे में परिवार और गांव के लोगों ने अनदेखी का आरोप लगाया। नाराजगी जतानी शुरू की तब सुबह लगभग साढ़े 10 बजे एडीएम सिटी अविनाश सिंह और एसपी पश्चिम हरीश चंदर शहीद के घर पहुंचे। इससे कुछ ही देर पहले एसीएम आए थे।
इसके बाद पूर्व सांसद राजाराम पाल और शाम को लगभग साढ़े चार बजे सांसद डा. मुरली मनोहर जोशी पहुंचे। डा. जोशी ने कहा कि परिवार के साथ देश की सहानुभूति है।
सरकार नक्सली हिंसा के खिलाफ मजबूत कदम उठाएगी। वार्ड 81 की पार्षद और सपा महिला ग्रामीण इकाई की जिलाध्यक्ष आशा सिंह और सपा नेता कुलदीप सिंह ने भी परिजनाें को सांत्वना दी।