‘हैलो...मैं गोविंदपुरी जीआरपी से बोल रहा हूं। आपके बेटे की मौत हो गई है। जल्दी आइये। अरे भाई काहे मजाक कर रहे हो, हमें भी मालूम है आज अप्रैल फूल है। अरे मैं चौकी इंचार्ज बोल रहा हूं, आपका बेटा ट्रेन से कट गया है।’ फिर वही जवाब और फोन काट दिया।
मजबूरन चौकी इंचार्ज ने तीसरी बार फोन मिलाया और परिवार को पूरी जानकारी दी। हम बात कर रहे हैं बुधवार दोपहर गोविंदपुरी स्टेशन के पास ट्रेन से कट कर जालौन के अंकित (22) की मौत के बाद उसके परिवारीजनों और जीआरपी चौकी इंचार्ज के बीच हुई बातचीत की।
जीआरपी ने चार बार अंकित के परिवारीजनों को हादसे की जानकारी दी, लेकिन वह यह समझते रहे कि उन्हें अप्रैल फूल बनाया जा रहा है। देर रात तक अंकित के परिवारीजनों के नही आने पर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया है।
जीआरपी थानाध्यक्ष त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि गुरुवार को परिवारीजनों के आने पर शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। अंकित जालौन के रौरा गांव निवासी ब्रजराज भदौरिया का बेटा है। जीआरपी के मुताबिक अंकित दादा नगर की किसी फैक्ट्री में काम करता था।
बुधवार दोपहर काफी देर से अंकित गोविंदपुरी स्टेशन के प्लेटफार्म में टहलता देखा गया था। दोपहर एक बजे के करीब झांसी आउटर के पास रेलवे ट्रैक पर उसका शव मिला। अंकित की गर्दन धड़ से अलग थी। जिससे माना जा रहा है कि रेलवे ट्रैक पर लेट कर उसने खुदकुशी की है।
कपड़ों की तलाशी में मिले मोबाइल से पुलिस ने उसकी शिनाख्त की। इसके बाद जीआरपी चौकी प्रभारी जितेन्द्र सिंह ने कई बार अंकित के पिता को हादसे की जानकारी दी, लेकिन उन्होनें चौकी प्रभारी की बात को अप्रैल फूल समझ कर विश्वास नही किया।