महोबा के गौरहारी गांव के एक व्यापारी की हत्या कर एक लाख रुपये लूट लिए गए। हत्यारों ने उसकी पहचान छुपाने के लिए शव को जलाकर रास्ते पर फेंक दिया। सुराग मिलने पर पुलिस ने दो युवकों को धर दबोचा। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने अधजला शव, हत्या में प्रयुक्त राड व लूटे गए रुपये बरामद कर लिए हैं।
गौरहारी गांव के बालादीन (40) पुत्र स्वामीदीन गांव में किराना की दुकान चलाते थे। वह एक जुलाई को चरखारी से सामान खरीदने के लिए एक लाख रुपये लेकर घर से निकले लेकिन चरखारी नहीं पहुंचे। देर शाम तक घर न लौटने पर भाई माखनलाल ने पुलिस को सूचना दी। उन्होंने पुलिस को बताया कि घर से निकलने के बाद बालादीन बस स्टैंड पर वाहन का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच गांव का ही मोहित पुत्र बृजकिशोर बाइक से निकला और बालादीन से चरखारी चलने की बात कही। वह उसकी बाइक पर बैठ गए थे।
इस सूचना के बाद पुलिस ने मोहित को धर दबोचा। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में मोहित ने बताया कि बालादीन के पास रुपये होने की जानकारी पर उसने अपने मामा के बेटे महोबा शहर के गांधी नगर निवासी हर्चित गुप्ता पुत्र कमलेश गुप्ता को बुलाया और सूनसान स्थान पर लोहे की राड मारकर बालादीन की हत्या कर रुपये लूट लिए। शिनाख्त छुपाने के लिए गौरहारी-चरखारी मार्ग पर लिफ्ट कैनाल के पास पेट्रोल डालकर शव जला दिया। इस पर पुलिस ने हर्चित को भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधीक्षक अनीस अहमद अंसारी ने कोतवाली चरखारी पहुंचकर घटना का खुलासा किया। दूसरी ओर ग्रामीणों के बीच चर्चा यह भी रही कि एक आरोपी को शक था कि व्यापारी के उसके परिवार की एक महिला से अवैध संबंध हैं। हत्या की यह वजह भी हो सकती है। पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।