हमीरपुर मे सीएम की रैली में उपद्रव करने और कुर्सियां तोडने पर कोतवाली में भाकियू अध्यक्ष समेत एक साथ 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। रविवार को पुलिस की टीम जनपद की सीमा से लगे लहुरीमऊ गांव में आरोपी किसानो को पकडने गई थी। हमीरपुर व घाटमपुर पुलिस ने मिलकर कई इलाकों में दबिश दी।
गिरफ्तारी को लेकर किसान भड़क गए। इस बीच किसानों ने पुलिस पर जमकर पत्थर चलाए। ताबड़तोड़ हुई पलटवार कार्रवाई में कई पुलिसकर्मी बुरी तरह जख्मी हो गए। लहुलूहान हुए पुलिसकर्मियों के सिर देखते नहीं बन रहे थे। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर होते देख पुलिस वालों को उल्टे पांव दौड़ना पड़ा।
घायलों को सदर अस्पताल लाया गया। जहां इनका इलाज चल रहा है। घायलों में क्राइम ब्रांच प्रभारी एसओ सजेती समेत कई अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं।
इस मामले में भी मुकदमा दर्ज हुआ है।
गुरुवार को सूबे के सीएम अखिलेश यादव की हमीरपुर स्थित राजकीय महाविद्यालय के पास जनसभा थी। जहां यूपी 100 डायल सेवा को हरी झंडी भी दिखाई थी। कार्यक्रम के दौरान सीएम ने जनसभा को सम्बोधित करना शुरू ही किया था कि जनसभा स्थल पर लाठी-डंडे और हंसिया से लैश सैकड़ों किसानों ने हंगामा करते हुए जमकर बवाल किया था। इसी मामले में पुलिस गिरफ्तारी के लिए पहुंची थी।
यूपी के हमीरपुर जिले में सीएम अखिलेश यादव की जनसभा में किसानों के हंगामा करने, कुर्सियां फेंकने के मामले में एलआईयू प्रभारी बी.डी. यादव व प्रभारी निरीक्षक हमीरपुर समेत आधा दर्जन पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। सीओ सदर को भी गैर जनपद के लिए तबादला कर दिया गया था। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था।