यूपी में नहीं थम रहीं बलात्कार की घटनाएं
आखिर कब तक रेपिस्ट शैतानों की बर्बता ‘यूपी की बेटियां’ झेलेंगी। बलात्कार की शिकार लड़की के परिजन ये सवाल सूबे की सरकार से कर रहे हैं।
यूपी की पुलिस चाहे जितनी हाईटेक हो जाए लेकिन अपराधियों के हौंसले पुलिस के डर से भी ज्यादा बुलंद हैं। महिलाओं के साथ अत्याचार, रेप, शोषण की घटनाएं कम होने की बजाय हर दिन बढ़ती जा रही हैं। शनिवार की ही बात करें तो अलग-अलग जिलों में 3 बेटियों के साथ बलात्कार की घटनाओं ने उत्तर प्रदेश को एक बार फिर से शर्मसार कर दिया है। हरदोई में एक 17 साल की लड़की को अगवाकर दो लड़कों ने बलात्कार किया। इसके बाद भी बदमाशों की जी नहीं भरा तो लड़की को इतनी बेरहमी से पीटा कि उसे जख्मी हालत में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उधर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के गृह जनपद इटावा में दबंग युवक ने नाबालिग लड़की को खेत में लेजाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। गांववालों के आ जाने पर आरोपी हवाई फायरिंग करते हुए फरार हो गया। दूसरी बलात्कार की घटना फर्रुखाबाद जिले की है। यहां पड़ोसी लड़के ने किशोरी के मुंह में कपड़ा ठूंसकर उसका रेप किया। शोर मचाने पर लड़की को तमंचा दिखाते हुए जबान न खोलने की धमकी दी गई।
ऐसे में सवाल ये ही उठता है कि हमारा कानून बलात्कारियों पर कार्रवाई करने में इतना सुस्ती क्यों बरतता है। रेप के तीनों मामलों में पुलिस जांच कर रही है।