फीलखाना पुलिस और नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की टीम ने एक युवक को फूलबाग से पकड़ कर तीन लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए। पकड़ा गया युवक सुबोध सिंह कानपुर देहात के गजनेर का रहने वाला है।
एसपी पूर्वी देवरंजन वर्मा ने बताया कि सुबोध को नकली नोट सप्लाई करने वाले मालदा के असद उस्मान उर्फ पिंटू और इकबाल हुसैन पुलिस के हाथ से बच निकले। उनकी तलाश में टीमें लग गई हैं। एनआईए ने प्रदेश में पहली बार किसी तरह की कार्रवाई की है।
एनआईए सूत्रों के मुताबिक देश में नकली नोटों और आतंकवाद पर नजर रखने वाली स्पेशल टीम ने जून में एक फोन कॉल को इंटरसेप्ट कर नकली नोटों के एक बड़े नेटवर्क पर काम शुरू किया था। उस कॉल के बाद नई दिल्ली, पश्चिम बंगाल और केरल से कई गिरफ्तारियां हुईं। सुबोध भी राडार पर था जो अब पकड़ में आया।
उसके पास से 500 के नकली नोट के छह बंडल बरामद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक सुबोध से बरामद नकली नोट हाई क्वालिटी के हैं जो असली नोटों से करीब 80 प्रतिशत तक मेल खाते हैं। नोट बनाने में इस्तेमाल होनी वाली इंक, वॉटरमार्क में थोड़ी भिन्नता है। गांधीजी के चेहरे के हाव-भाव पूरी तरह से मेल नहीं खाते।
सुबोध की गिरफ्तारी के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं कि भारी मात्रा में नकली नोट कानपुर में क्यों भेजे गए। पुलिस की कहानी पर भरोसा करना मुश्किल है कि पान, सब्जी के दुकानों पर चलाने के लिए आए थे नकली नोट।