हिन्दुस्तान को बर्बाद करने का था प्लान
आईएसआईएस के संदिग्ध गुर्गे अजहर ने जांच अफसरों को बताया है कि 2012 में उसने और उसके साथियों ने देश में तबाही मचाने की हलफ (शपथ) ली थी। इसके लिए लगभग पांच साल से काम चल रहा था। अजहर से पूछताछ में शामिल रहे एक अफसर के मुताबिक अजहर ने बताया कि 2011 में उसकी मुलाकात आतिफ से हुई थी।
उस दौरान आतिफ जेहादी बातें करता था। वह सिमी और इंडियन मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों की गतिविधियों से प्रभावित था। वह कहता था कि भारत में मुस्लिमों को उनका हक नहीं मिलता है। मुस्लिमों पर अत्याचार होता है, उनकी मांगों को दबाया जाता है। मुस्लिमों को उनका हक दिलाने के लिए जेहाद छेड़ने की जरूरत है।
अजहर के मुताबिक 2012 में आतिफ और उसके साथियों ने देश में तबाही मचाने की शपथ ली थी। इसके बाद से वह ग्रुप मेंबरों की संख्या बढ़ाने में जुटा था। आतिफ और उसके ग्रुप मेंबरों का जीएम खान ब्रेन वॉश करता था। उन लोगों को जेहादी साहित्य और वीडियो मुहैया करता था। इसके बाद असलहे चलाने और बम तैयार करने की ट्रेनिंग देता था। मुठभेड़ में मारे गए सैफुल्ला और उसके साथियों को जीएम ने ट्रेंड करने के बाद उज्जैन में ट्रेन ब्लास्ट कराकर रिहर्सल कराया था।
अगर आतिफ और उसके साथी पकड़े नहीं जाते तो ये ग्रुप यूपी और देश में बड़ी वारदातों को अंजाम देता। पुलिस अफसरों का कहना है कि अजहर के बयानों की आतिफ और उसके साथियों से पूछताछ में सत्यता परखी जाएगी। रद्द होंगे संदिग्धों के पासपोर्ट भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार संदिग्ध आतंकियों के पासपोर्ट रद्द होंगे। पुलिस अफसरों ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक वर्ष 2013 में आतिफ का पासपोर्ट बना था। इसके अलावा दानिश, फैसल, जीएम खान समेत सभी आरोपियों के पासपोर्ट के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।