यूपी के चित्रकूट में ‘डकैतों का तांडव’ देखकर ग्रामीण अपने घरों में दुबक गए हैं। सरेआम ठेकेदार की हत्या और ताबड़तोड़ गोलियों की बौछार कराने वाला डाकू गोप्पा जेल में रहकर दहशत फैला रहा है। जानें क्या है पूरा मामला...
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चित्रकूट पुरवा गांव में बुधवार को ट्यूबवेल की बोरिंग करा रहे ठेकेदार पर डकैतों ने ताबड़तोड़ गोलियों की बौछार कर दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ठेकेदार का भतीजा व एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस का मानना है कि गोली मारने वाले डकैत गोप्पा गैंग के हैं।
रैपुरा थाना क्षेत्र के महुलिया गांव के भगड़ा पुरवा में बुधवार शाम कुछ डकैत पहुंचे। डकैतों ने ट्यूबवेल की बोरिंग कर रहे ठेकेदार कैरा यादव पर निशाना साध ताबड़तोड़ फायर फोंक दिया। इससे कैरा (45) की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि साथ में मौजूद उसका भतीजा अर्जुन व एक अन्य मजदूर घायल हो गया। इसके बाद डकैत भाग निकले। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की। अपर पुलिस अधीक्षक बलवंत कुमार चौधरी ने बताया कि पूछताछ में जानकारी मिली है कि ठेकेदार को गोली मारने वाले गोप्पा गैंग के डकैत हैं। गांव में गैंग के डाकू महेंद्र सिंह पासी उर्फ धोनी एवं राजा सहित आधा दर्जन के आने की सूचना मिली है। कैरा यादव लाइसेंसी राइफल लेकर चलता था, लेकिन डकैतों ने उसे संभलने का मौका ही नहीं दिया। इस दौरान यह भी पता चला है कि डाकू गोप्पा गैंग ठेकेदार व उसके परिवार पर पुलिस मुखबिरी का भी शक करता था। मालूम हो कि फरार गोप्पा के कार्यकाल के दौरान महुंलिया में दो बार पुलिस से गैंग की मुठभेड़ हुई थी। जिस पर गैंग ने इसी ठेकेदार पुलिस सूचना देने का शक किया था।
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डाकुओं के डर से परिजन बोलने को तैयार नहीं
मृतक के परिवार की महिलाएं।
चित्रकूट रैपुरा थाना अंतर्गत महुलिया गांव के भगड़ा पुरवा में जेल में बंद डाकू गोप्पा के साथियों ने रामशिरोमणि उर्फ कैरा (45) पुत्र भगवत प्रसाद व गांव के अर्जुन पुत्र सरजू को ट्यूबवेल की बोरिंग कराते समय गोली मार दी थी। शव का गुरुवार को पोस्टमार्टम कराया गया। जहां परिवार के सदस्यों का रो- रोकर बुरा हाल रहा। मृतक के भतीजे सुरेंद्र ने थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। परिजन डाकुओं के डर के कारण कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। ग्रामीणों ने बताया कि वारदात में गैंग के पांच सदस्य शामिल रहे।
सभी के पास असलहे थे जिसमें से गैंग के दो सदस्यों ने गोली चलाई हैं। ग्रामीणों ने दबी जुबान से बताया कि जेल में बंद डाकू गोप्पा गैंग की कमान उसका भांजा राजा यादव ने संभाल ली है। उसी ने इस घटना को अंजाम दिया है। उसके साथ चलने वाले धुन्ना पासी ने भी गोली चलाई थी। इस गैंग में आधा दर्जन से अधिक सदस्य हैं। मृतक दो भाई थे जिसमें एक की बीमारी के चलते मृत्यु हो गई थी। परिवार में एकलौता ही बचा था जिसकी हत्या कर देने से परिवार में दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार के सदस्य चिंतित है कि परिवार का पालन पोषण कैसे होगा। मृतक के शव का जब पोस्टमार्टम किया जा रहा था। उस समय उसकी पत्नी फूला देवी व लड़कियां गांव में ही मौजूद थी। पिता भागवत प्रसाद वृद्ध होने के कारण वह भी नहीं पहुंचे। मृतक का एक बेटा चंद्र प्रकाश है। इसके अलावा तीन लड़कियां है जिसमें एक की शादी हो गई है। पिता वृद्ध भागवत प्रसाद वृद्ध हो जाने के कारण कहीं चल फिर नहीं सकते। घायल अर्जुन पुत्र सरजू का इलाज इलाहाबाद में किया जा रहा है।
मृतक के भतीजे सुरेंद्र ने बताया कि बोरिंग सफल हो गई थी। बोरिंग करने वाले कारीगरों को रुपये देेने के लिए हिसाब किया जा रहा था। उसी दौरान डाकू आ गए। उसके चाचा को गोली मारने लगे। चाचा ने बंदूक पड़कर विरोध किया तो उसी समय दूसरे ने आकर उन्हें गोली मार दी। विरोध करने पर अर्जुन पुत्र सूरज को भी गोली मारी गई है। वह इलाहाबाद मेें भर्ती है। बताया कि अभी तक किसी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई। घटना के समय मृतक की पत्नी फूला देवी लड़कियां भी खड़ी थीं।