करीब सात माह पहले उन्नाव के पुरवा कोतवाली क्षेत्र में एक 16 वर्षीय दलित किशोरी के साथ एक युवक ने दुष्कर्म किया। पीड़िता ने दुष्कर्म की शिकायत की बात कही तो उसे जान से मारने की धमकी देकर चुप करा दिया। कई महीने मामला दबा रहा।
किशोरी के गर्भवती होने पर परिजनों को घटना की जानकारी हुई। आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को परिजन थाने के चक्कर लगाते रहे लेकिन आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बीच पीड़िता ने पुरवा सीएचसी में एक बच्ची को जन्म दिया लेकिन जन्म के कुछ देर बाद सही इलाज न मिलने से नवजात की मौत हो गई।
इधर, आरोपी की गिरफ्तारी में हीलाहवाली पर एसपी नेहा पांडेय ने जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उच्चाधिकारियों से शिकायत के बाद पुरवा कोतवाली पुलिस ने तीन सितंबर को रिपोर्ट तो दर्ज कर ली, लेकिन उसे गिरफ्तार नहीं किया। मामला तूल पकड़ता देख पुरवा कोतवाल हरकत में आए और रात में ही दबिश देकर आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने नवजात के शव का पोस्टमार्टम कराया और डीएनए टेस्ट कराए जाने की बात कही है।
पीड़िता के भाई की शिकायत पर एसपी ने उठाया कदम
डेमो पिक
एसपी ने रिपोर्ट दर्ज करने और आरोपी की गिरफ्तारी में हीलाहवाली पर पुरवा एसओ की भूमिका की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं सीएमओ डॉ भूपेंद्रनाथ श्रीवास्तव ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। पीड़िता शिकायत करेगी तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
पीड़िता के भाई की शिकायत पर एसपी ने उठाया कदम
एसपी नेहा पांडेय ने पुरवा कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज न करने और फिर रिपोर्ट दर्ज करने के 22 दिन बाद भी आरोपी को गिरफ्तार न किए जाने को कोतवाली पुलिस की लापरवाही माना। मालूम हो कि पीड़ित किशोरी के बड़े भाई ने एसपी से शिकायत की है कि पहले उसकी बहन आरोपी की धमकियों के चलते मुंह बंद किए रही। बाद में पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने में आनाकानी की। काफी दौड़भाग के बाद 3 सितंबर को रिपोर्ट तो दर्ज कर ली लेकिन आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया। एसपी ने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पीड़िता बोली न्याय न मिला तो जिंदगी से मौत भली
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पीड़िता बोली न्याय न मिला तो जिंदगी से मौत भली
दुष्कर्म की शिकार दलित किशोरी का बुराहाल है। वह अपनी जिंदगी तक खत्म कर लेने की भी बात कह रही है। पीड़िता का कहना है कि उसने आोरपी मानसिक उत्पीड़न और सामाजिक अपमान सहकर बच्ची को जन्म दिया लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही से उसकी भी मौत हो गई। पीड़िता ने कहा न्याय नहीं मिला तो जिंदगी से मौत भली।